कैथल। आरकेएसडी कॉलेज में आयोजित जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक उस समय चर्चा में आ गई, जब प्रदेश के ऊर्जा, श्रम एवं परिवहन मंत्री अनिल विज और कैथल की पुलिस अधीक्षक (एसपी) उपासना के बीच तीखी बहस हो गई। दोनों के बीच हुई नोकझोंक का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
बैठक में गांव तितरम निवासी संदीप मलिक ने शिकायत दर्ज कराई थी कि कुरुक्षेत्र में तैनात एएसआई संदीप ने जमीन बेचने के नाम पर उससे रुपये लिए थे, लेकिन बाद में पैसे वापस नहीं किए। शिकायतकर्ता का आरोप है कि एएसआई ने भरोसा देकर रकम ली, लेकिन अब लौटाने से इनकार कर रहा है।
शिकायत पर सुनवाई के दौरान मंत्री अनिल विज ने संबंधित एएसआई को तुरंत सस्पेंड करने के निर्देश दिए। इस पर एसपी उपासना ने कहा कि एएसआई को सस्पेंड करने का अधिकार उनके पास नहीं है और यह कार्रवाई डीजीपी स्तर से होती है। एसपी ने कहा कि वे इस मामले में डीजीपी को रिपोर्ट भेजकर कार्रवाई की सिफारिश करेंगी।
मंत्री विज ने नाराजगी जताते हुए कहा कि जब वे कह रहे हैं तो तुरंत सस्पेंड किया जाए। वहीं एसपी उपासना ने दो टूक कहा कि वे नियमों के तहत ही कार्रवाई करेंगी और निलंबन का फैसला डीजीपी द्वारा ही लिया जाएगा। इसी बात को लेकर बैठक में दोनों के बीच काफी देर तक बहस होती रही।
बताया जा रहा है कि मंत्री अनिल विज का इससे पहले भी कई बार पुलिस अधिकारियों के साथ टकराव हो चुका है। कैथल में ही 15 नवंबर 2025 को भी मंत्री विज और एसपी उपासना के बीच बैठक में नोकझोंक हुई थी। इसके अलावा 2015 में फतेहाबाद एसपी संगीता कालिया और 2019-20 में तत्कालीन सीआईडी चीफ शत्रुजीत कपूर के साथ भी विवाद सामने आ चुका है।
बैठक में अन्य परिवादों और आम शिकायतों पर भी सुनवाई की गई और कई मामलों में अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। अब मंत्री और एसपी की बहस का वीडियो वायरल होने के बाद यह मामला राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है।