राहुल चावला, धर्मशाला-:महिला आरक्षण विधेयक को लेकर सियासत तेज हो गई है। कांग्रेस नेता देवेंद्र जग्गी ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने इस विधेयक के साथ डिलिमिटेशन (सीमांकन) का मुद्दा भी जोड़ दिया, जिसका विपक्ष ने विरोध किया।
जग्गी ने कहा कि यदि केवल महिला आरक्षण विधेयक पर ही चर्चा होती, तो यह आसानी से पारित हो सकता था, क्योंकि कांग्रेस हमेशा से महिलाओं के अधिकारों के समर्थन में रही है। उन्होंने याद दिलाया कि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के कार्यकाल में पंचायती राज संस्थाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण दिया गया था।उन्होंने कहा कि डिलिमिटेशन के लिए अलग से विधेयक लाया जाना चाहिए था। आमतौर पर पहले जनगणना होती है और उसके बाद सीमांकन की प्रक्रिया शुरू की जाती है। जनगणना से पहले डिलिमिटेशन प्रस्तावित करने पर उन्होंने केंद्र सरकार की मंशा पर सवाल उठाए।इसके अलावा, उन्होंने प्रदेश कांग्रेस संगठन में महिलाओं की भागीदारी पर भी जोर दिया। ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्षों की नियुक्ति में महिलाओं को शामिल न किए जाने के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि महिलाओं को आगे आकर नेतृत्व की जिम्मेदारी संभालनी चाहिए और अपनी क्षमता को साबित करना चाहिए।