चंडीगढ़ | हरियाणा सरकार ने राज्य में विकास कार्यों को गति देने के लिए 40 से अधिक प्रशासनिक विभागों की खरीद प्रक्रियाओं को अंतिम रूप दिया। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हुई हाई पावर परचेज कमेटी की बैठक में बिजली, जनस्वास्थ्य, लोक निर्माण, सिंचाई, परिवहन और आईटी जैसे विभिन्न विभागों की प्रमुख परियोजनाओं को मंजूरी दी गई।
बैठक में इन परियोजनाओं को लागू करने के लिए आवश्यक टेंडर जारी करने की प्रक्रिया भी पूरी की गई। विशेष रूप से, प्रधानमंत्री सिटी बस योजना के तहत फरीदाबाद और गुरुग्राम में 200 इलेक्ट्रिक बसों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया गया। अंबाला में 13 करोड़ रुपये और हिसार में 14 करोड़ रुपये की लागत से इलेक्ट्रिक बस डिपो का निर्माण किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने बैठक के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी विकास परियोजनाओं की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए। वे स्वयं भी समय-समय पर परियोजनाओं की समीक्षा करेंगे और खर्च किए जाने वाले प्रत्येक रुपये की पारदर्शिता पर विशेष ध्यान देंगे।
बैठक में पलवल शहर में स्वच्छ पेयजल उपलब्ध करवाने के लिए अमृत-2 योजना के तहत दो रेनिवेल और एक बूस्टिंग स्टेशन के निर्माण की प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया गया। इस परियोजना पर लगभग 100 करोड़ रुपये की लागत आएगी। इसके अलावा, महेंद्रगढ़ के गांव सिरोही बिहाली में छह एमएलडी क्षमता का जलघर 53.47 करोड़ रुपये की लागत से बनकर तैयार होगा, जिससे आसपास के 39 गांवों को स्वच्छ पेयजल मिलेगा।
रेवाड़ी शहर में 27 करोड़ रुपये की लागत से आठ एमएलडी क्षमता वाला रा-वाटर स्टोरेज टैंक बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का मुख्य उद्देश्य आम जनता को गुणवत्तापूर्ण और समय पर सुविधाएं प्रदान करना है।