मंडी, धर्मवीर-: मंडी जिला प्रशासन ने इस बार पड्डल मैदान में 216 देवी-देवताओं के बैठने के लिए पहली बार पगोडा शैली में अस्थाई शिविरों का निर्माण किया है लेकिन कुछ देवी-देवता ऐसे भी हैं जिन्हें यह अस्थाई शिविर रास नहीं आए और उन्होंने इससे किनारा कर लिया है।
इन शिविरों से किनारा करने वालों में प्रमुख रूप से देव विष्णु मतलोडा, माता कश्मीरी, मडमाखन, देव गरल और भुजा ऋषि सहित सराज घाटी के देवी-देवता शामिल हैं। इन देवी-देवताओं के साथ आए पुजारियों और अन्य लोगों ने बताया कि इनके देवी-देवता जिन स्थानों पर बैठते थे उन्हें देव आदेश के अनुसार वहीं पर ही बैठाया गया है। देवी-देवताओं ने नए स्थान पर बैठने से इनकार कर दिया था जिसके चलते उन्हें पुराने स्थानों पर ही बैठाया गया है और ये सभी पूरे महोत्सव के दौरान यहीं पर ही विराजमान रहेंगे।
बता दें कि हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी जिला प्रशासन द्वारा पंजीकृत 216 देवी-देवताओं को महोत्सव के लिए आमंत्रित किया गया है जिसमें से 190 देवी-देवता मंडी पहुंच चुके हैं। इन सभी के बैठने के लिए पगोडा शैली में अस्थाई शिविर बनाए गए हैं। सर्व देवता समिति के अध्यक्ष शिव पाल शर्मा ने बताया कि जिन देवी-देवताओं ने इन शिविरों में बैठने से इनकार किया है उनके लिए अलग से व्यवस्था कर दी गई है। पगोडा शैली के शिविरों को सभी कारदारों की सहमति से ही बनाया गया था।