राहुल चावला, धर्मशाला-:जिला मुख्यालय स्थित जोनल अस्पताल धर्मशाला में आवश्यक औषधि सूची (ईडीएल) में शामिल दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए टेंडर प्रक्रिया पुनः आरंभ कर दी गई है। इससे पहले दो बार टेंडर आमंत्रित किए गए थे, लेकिन पर्याप्त सहभागिता न मिलने के कारण प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पाई थी। अब अस्पताल प्रशासन ने दवाओं की सूची को संक्षिप्त कर अत्यंत जरूरी दवाओं को शामिल करते हुए नई टेंडर प्रक्रिया शुरू की है, ताकि मरीजों को आवश्यक दवाएं समय पर मिल सकें।
अस्पताल प्रशासन के अनुसार कुछ दवाएं ईडीएल में शामिल नहीं होतीं, लेकिन चिकित्सकीय आवश्यकता के चलते मरीजों को उनकी जरूरत पड़ती है। इसी को ध्यान में रखते हुए रोगी कल्याण समिति की हालिया गवर्निंग बॉडी बैठक में दवा खरीद प्रक्रिया को सरल और प्रभावी बनाने का निर्णय लिया गया था। उसी के अनुरूप अब संशोधित सूची के साथ टेंडर आमंत्रित किए गए हैं।इस बीच अस्पताल के इंडोर ब्लॉक में मरम्मत कार्य भी शुरू कर दिया गया है। लोक निर्माण विभाग द्वारा भवन के विभिन्न हिस्सों में जरूरी रिपेयर वर्क किया जा रहा है, जिससे मरीजों और तीमारदारों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। अस्पताल प्रबंधन ने यह भी स्पष्ट किया है कि लैब में होने वाले 133 प्रकार के टेस्ट पहले की तरह निशुल्क ही किए जा रहे हैं और इन पर किसी प्रकार का शुल्क नहीं लगाया गया है।
मेडिकल सुपरीटेंडेंट डॉ. अनुराधा शर्मा ने बताया कि कुछ आवश्यक उपकरणों और सामग्रियों की खरीद के लिए अनुमति मिल चुकी है और उसकी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अस्पताल परिसर में अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे ताकि सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जा सके। मरीजों की लंबी कतारों को व्यवस्थित करने के लिए पुराने टोकन सिस्टम को बदलने के आदेश भी जारी कर दिए गए हैं।अस्पताल में पर्ची शुल्क के डिजिटल भुगतान के लिए क्यूआर कोड तैयार कर लिया गया है। प्रतिदिन बनने वाली पर्चियों और एकत्रित राशि का सटीक आकलन सुनिश्चित करने के लिए बैंक से तकनीकी व्यवस्था उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया है। शाम को कुल पंजीकरण संख्या और प्राप्त शुल्क का मिलान करने हेतु अलग-अलग कैलकुलेशन प्रणाली विकसित की जा रही है।पार्किंग व्यवस्था को सुव्यवस्थित करने के लिए भी अस्पताल परिसर में स्थान चिन्हित किए जा रहे हैं। स्टाफ और बाहरी वाहनों के लिए अलग-अलग पार्किंग क्षेत्र निर्धारित किए जाएंगे। पार्किंग शुल्क निर्धारण के लिए संबंधित संस्थानों से परामर्श जारी है, ताकि पारदर्शी और व्यवहारिक व्यवस्था लागू की जा सके.