मंडी, धर्मवीर -:प्रदेश की सुक्खू सरकार द्वारा एंट्री टैक्स बढ़ाए जाने के निर्णय लेने के बाद सूबे में फिर से सियासी पारा बढ़ गया है। एंट्री टैक्स बढ़ाने जाने के बाद जहां ऊना में नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर द्वारा प्रदेश कांग्रेस सरकार घेरने को घेरा, वहीं कैबिनेट मंत्री रोहित ठाकुर ने भाजपा के इन बयानों पर पलटवार किया है।
मंडी दौरे पर पहुंचे शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने मीडिया से अनौपचारिक बातचीत के दौरान कहा कि केंद्र सरकार के द्वारा प्रदेश को मिलने वाली आरडीजी बंद होने के बाद प्रदेश सरकार ने आर्थिक संसाधन जुटाने के लिए विभिन्न टैक्सों में बढ़ोतरी की है, जिसमें एंट्री टैक्स भी शामिल है। शिक्षा मंत्री ने कहा कि पहाड़ी प्रदेश हिमाचल को वर्ष 1950 यह ग्रांट बंद मिल रही थी, ऐसे में आज हिमाचल भाजपा नेताओं को पार्टीबाजी छोड़ हिमाचल के हक्क की आवाज उठानी चाहिए। उन्होंने इस मौके पर प्रदेश की कमजोर आर्थिक स्थिती का हलावा देते हुए भाजपा सांसदों से हिमाचल प्रदेश की मदद करने की गुहार भी लगाई।
वहीं प्रदेश में शून्य दाखिले व कम संख्या वाले शिक्षण संस्थानों को बंद और मर्ज को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में शिक्षा मंत्री ने कहा कि शून्य दाखिले वाले स्कूल हिमाचल प्रदेश में ही नहीं, अपितु भारत के अन्य राज्यों में भी बंद हुए हैं। केंद्र की एनडीए सरकार ने स्वयं अपने कार्यकाल में अब तक 90 हजार स्कूलों को बंद और मर्ज किया हैं। उनकी सरकार ने प्रदेश में अब तक 1300 स्कूलों को बंद किया है, जिसमें शून्य दालिखे हुए थे। पूरे देश में इसका एक कारण जन्म दर में आयी गिरावट भी माना जा रहा है। इससे पूर्व शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने वल्लभ राजकीय महाविद्यालय मंडी के निर्माणाधीन भवन के कार्य का जायजा भी लिया। शिक्षा मंत्री ने कहा कि इस भवन का 90 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है। आगामी कार्य को पूरा करने के लिए लभगभग 4 करोड़ की धनराशि खर्च होगी। जिसे प्रदेश सरकार अपने आगामी वित्तीय वर्ष में विभिन्न संसाधनों और केंद्र की योजनाओं से /धन जुटाकर इस भवन के कार्य को जल्द पूरा करने का प्रयास करेगी।