अंबाला | राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, अंबाला ने भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत आज दो अलग-अलग मामलों में प्रभावी कार्रवाई करते हुए आरोपियों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया। दोनों मामलों में कार्रवाई स्वतंत्र गवाहों की उपस्थिति में पूरी पारदर्शिता के साथ की गई।
पहले मामले में, शिकायतकर्ता रणजीत सिंह (जिला देवरिया, उत्तर प्रदेश) की शिकायत पर हरियाणा शुगर मिल्स, भाली आनंदपुर, रोहतक के मुख्य रसायनविद मनोज कुमार को 2,50,000 रुपये रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया। शिकायत के अनुसार आरोपी ने अपनी फर्म के बिल की भुगतान प्रक्रिया करवाने, तैयार की गई चीनी की गुणवत्ता को अनुकूल दिखाने और फर्म के प्रदर्शन को बेहतर प्रस्तुत करने के एवज में यह राशि मांगी थी। इस मामले में अभियोग संख्या 06 के तहत धारा 7 भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 व धारा 308(2) बी.एन.एस. के तहत मामला दर्ज किया गया।
दूसरे मामले में, जिला अंबाला निवासी सुभाष चंद की शिकायत पर आंगनबाड़ी सुपरवाइजर मीनू को आंगनबाड़ी केंद्र तेपला से 2,000 रुपये रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया। शिकायत में कहा गया कि शिकायतकर्ता की पत्नी का बैंक खाता बंद होने और तीन माह का वेतन लंबित होने के कारण नया खाता खोलने और बकाया वेतन जमा कराने के लिए आरोपी ने 4,000 रुपये की मांग की थी। आरोपी ने पहले 2,000 रुपये ले लिए थे और शेष राशि आज लेते समय रंगे हाथ पकड़ी गई। इस मामले में अभियोग के तहत धारा 7 भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 के तहत मामला दर्ज किया गया।
राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने स्पष्ट किया कि भ्रष्टाचार के खिलाफ उनकी कार्रवाई लगातार जारी रहेगी और दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। आम जनता से अपील की गई है कि किसी भी प्रकार की रिश्वत मांग की सूचना तुरंत ब्यूरो को दें, ताकि पारदर्शी और जवाबदेह प्रशासन कायम किया जा सके।