रोहतक। खेड़ी साध गांव के प्रॉपर्टी डीलर सत्यवान अपहरण और हत्या का मामला अब पुलिस के हाथों सुलझ गया है। अधिकारियों के अनुसार, यह हत्या साल 2018 में हुए धर्मेंद्र हत्याकांड की पुरानी रंजिश का नतीजा थी।
सत्यवान पर पहले भी आरोप लगा था कि उसने नए साल के जश्न के दौरान खेड़ी साध गांव में युवक धर्मेंद्र की गोली मारकर हत्या की थी। लंबे समय तक जेल में रहने के बाद वह छह महीने पहले जमानत पर बाहर आया था।
20 फरवरी को सत्यवान की कार खरावड़ मंदिर के पास आउटर बाईपास किनारे लावारिस मिली थी। कार पर चार गोलियों के निशान थे और घटना स्थल से 15 खाली खोले बरामद हुए थे। इसके बाद से सत्यवान का कोई पता नहीं चला।
एसपी रोहतक ने इस घटना की गंभीरता को देखते हुए एसआईटी का गठन किया, जिसमें सीआईए टीम और आईएमटी थाना पुलिस शामिल थी। पुलिस ने अपहरण का मामला दर्ज कर जांच तेज़ कर दी।
मंगलवार सुबह, भिवानी जिले के गांव भापड़ौदा निवासी मंजीत उर्फ ‘माफिया’ की निशानदेही पर पुलिस ने कन्हेली हेड के पास सत्यवान का शव बरामद किया। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि सत्यवान को चार गोलियां मारी गईं , तीन पेट पर और एक चेहरे पर। शव को कार में डालकर नहर में फेंक दिया गया।
भिवानी निवासी मंजीत और भाली गांव निवासी मनीष को गिरफ्तार कर रिमांड पर लिया गया है। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि हत्या में प्रदीप डागर या अन्य किसी की भूमिका है या नहीं। सोशल मीडिया पर हत्या की जिम्मेदारी लेने वाले सुंदर राठी उर्फ काला की भूमिका अभी स्पष्ट नहीं हुई है।
एसपी सुरेंद्र सिंह भौरिया ने बताया कि यह हत्या पुरानी रंजिश का परिणाम थी और पुलिस आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है।