नई दिल्ली | केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए प्रस्तावित 8वें वेतन आयोग को लेकर इन दिनों सरकारी हलकों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। लाखों केंद्रीय कर्मचारी संभावित वेतन वृद्धि का इंतजार कर रहे हैं। इसी बीच डाक कर्मचारी संगठन की एक नई मांग ने इस मुद्दे को और सुर्खियों में ला दिया है। यदि यह प्रस्ताव लागू होता है तो कर्मचारियों की टेक-होम सैलरी के साथ-साथ रिटायरमेंट लाभ में भी बड़ा इजाफा हो सकता है।
डाक कर्मचारी संगठन ने रखी अहम मांग
डाक कर्मचारी संगठन ने हाल ही में 8वें वेतन आयोग के अध्यक्ष को पत्र लिखकर मांग की है कि कर्मचारियों को मिल रहा 50 प्रतिशत महंगाई भत्ता (DA) उनकी मूल वेतन (Basic Pay) में समाहित किया जाए। संगठन का तर्क है कि जब महंगाई भत्ता एक निश्चित स्तर तक पहुंच जाता है, तो उसे बेसिक वेतन में जोड़ देना चाहिए ताकि कर्मचारियों की क्रय शक्ति बनी रहे और वेतन संरचना वास्तविक महंगाई के अनुरूप रह सके।
बेसिक पे में DA जोड़ने से क्या होगा फायदा
महंगाई भत्ते को मूल वेतन में शामिल करने से कर्मचारियों को कई स्तरों पर लाभ मिल सकता है।
- भत्तों में बढ़ोतरी: मकान किराया भत्ता (HRA) और यात्रा भत्ता (TA) जैसे कई अलाउंस बेसिक पे के आधार पर तय होते हैं। बेसिक वेतन बढ़ने से ये भत्ते भी स्वतः बढ़ जाएंगे।
- पेंशन में बढ़ोतरी: सेवानिवृत्ति के बाद मिलने वाली पेंशन का निर्धारण भी अंतिम बेसिक वेतन के आधार पर होता है। ऐसे में पेंशनभोगियों को भी सीधा लाभ मिलेगा।
- वेतन ढांचे में सुधार: DA के मर्ज होने से सैलरी स्ट्रक्चर अधिक स्पष्ट और महंगाई के अनुरूप संतुलित माना जाता है।
अंतिम फैसला सरकार पर निर्भर
हालांकि कर्मचारियों की यह मांग तर्कसंगत मानी जा रही है, लेकिन इसे लागू करने का निर्णय पूरी तरह केंद्र सरकार और वेतन आयोग की सिफारिशों पर निर्भर करेगा। सरकार को कर्मचारियों और पेंशनभोगियों पर पड़ने वाले वित्तीय बोझ तथा राजकोषीय घाटे का भी आकलन करना होगा।
फिलहाल यह प्रस्ताव आयोग के समक्ष रखा गया है और अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि सरकार और वेतन आयोग इस मांग पर क्या निर्णय लेते हैं।