चंडीगढ़। हरियाणा में नमो भारत (रैपिड रेल) कॉरिडोर की दो महत्वपूर्ण परियोजनाओं को पब्लिक इन्वेस्टमेंट बोर्ड से मंजूरी मिल गई है। इन परियोजनाओं के तहत करनाल से दिल्ली और बावल से दिल्ली तक रैपिड रेल कॉरिडोर विकसित किया जाएगा। मंजूरी मिलने के बाद अब इन प्रस्तावों को अंतिम स्वीकृति के लिए केंद्रीय मंत्रिमंडल के सामने रखा जाएगा। कैबिनेट से हरी झंडी मिलते ही टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
परियोजना से जुड़े अधिकारियों के अनुसार काम शुरू होने के बाद करीब चार साल के भीतर दोनों कॉरिडोर का निर्माण पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इससे हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान के बीच आवागमन काफी तेज और सुविधाजनक हो जाएगा।
करनाल से दिल्ली तक प्रस्तावित रैपिड रेल कॉरिडोर की लंबाई लगभग 136 किलोमीटर होगी। इस परियोजना पर करीब 33,051 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है, जिसमें हरियाणा सरकार की हिस्सेदारी लगभग 7,472 करोड़ रुपये रहेगी। इस कॉरिडोर के बनने से करनाल से दिल्ली का सफर करीब 90 मिनट में पूरा हो सकेगा। इस मार्ग पर करनाल, पानीपत, मुरथल, कुंडली होते हुए दिल्ली तक रैपिड रेल चलेगी। अभी तक इस रूट पर 17 स्टेशनों के निर्माण का प्रस्ताव रखा गया है।
दूसरी परियोजना के तहत बावल से दिल्ली तक लगभग 93 किलोमीटर लंबा रैपिड रेल कॉरिडोर बनाया जाएगा। इस पर करीब 32,327 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है, जिसमें हरियाणा सरकार करीब 6,957 करोड़ रुपये का योगदान देगी। इस मार्ग पर बावल से रेवाड़ी, धारूहेड़ा, पंचगांव, मानेसर और गुरुग्राम होते हुए दिल्ली तक तेज यात्रा सुविधा मिलेगी। इस परियोजना में अभी तक 13 स्टेशनों की योजना बनाई गई है।
हरियाणा मास रैपिड ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (HMRTC) के प्रबंध निदेशक चंद्रशेखर खरे ने बताया कि दोनों परियोजनाओं की डीपीआर को पीआईबी से मंजूरी मिल चुकी है और अब इन्हें केंद्रीय मंत्रिमंडल के समक्ष अंतिम स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा।
वहीं, नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (NCRTC) ने भविष्य में इस नेटवर्क के विस्तार की भी योजना बनाई है। प्रस्तावित विस्तार के तहत दिल्ली से फरीदाबाद, बल्लभगढ़ और पलवल तक कॉरिडोर बढ़ाने के साथ-साथ दिल्ली-बहादुरगढ़-रोहतक मार्ग को भी रैपिड रेल नेटवर्क से जोड़ने की योजना तैयार की जा रही है। इससे हरियाणा के कई और शहरों को तेज और आधुनिक परिवहन सुविधा मिल सकेगी।