नई दिल्ली | मध्य-पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव का असर सोमवार को भारतीय शेयर बाजार पर साफ दिखाई दिया। सप्ताह के पहले कारोबारी दिन बाजार की शुरुआत भारी गिरावट के साथ हुई, जिससे शुरुआती कारोबार में ही निवेशकों को बड़ा नुकसान झेलना पड़ा।
बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 2,743.46 अंक यानी करीब 3.30 प्रतिशत गिरकर 78,543.73 के स्तर पर खुला, जो दिन का निचला स्तर भी रहा। यह स्तर पिछले करीब 11 महीनों का न्यूनतम स्तर माना जा रहा है। हालांकि शुरुआती गिरावट के बाद बाजार में कुछ सुधार भी देखने को मिला और सुबह लगभग 9:35 बजे सेंसेक्स 705 अंकों की गिरावट के साथ 80,582.13 के स्तर पर कारोबार करता नजर आया।
वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी 50 भी दबाव में रहा। निफ्टी 533.55 अंक गिरकर 24,645.10 के निचले स्तर तक पहुंच गया। इसकी शुरुआत 24,659.25 के स्तर पर हुई थी। सुबह करीब 9:40 बजे निफ्टी 232.55 अंकों की गिरावट के साथ 24,945.10 पर ट्रेड करता दिखा।
बाजार में कई बड़े शेयरों में भी गिरावट दर्ज की गई। इंडिगो की मूल कंपनी इंटरग्लोब एविएशन, लार्सन एंड टुब्रो, अडानी पोर्ट्स एंड एसईजेड और एशियन पेंट्स के शेयर 2 से 4 प्रतिशत तक टूटकर प्रमुख नुकसान वाले शेयरों में शामिल रहे। सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो निफ्टी रियल्टी इंडेक्स करीब 2 प्रतिशत गिर गया, जबकि ऑटो, आईटी, पीएसयू बैंक, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और ऑयल एंड गैस सेक्टर में भी 1 प्रतिशत से अधिक की गिरावट देखी गई।
हालांकि रक्षा क्षेत्र के शेयरों में मजबूती देखने को मिली और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड के शेयर एक प्रतिशत से ज्यादा बढ़त के साथ कारोबार करते नजर आए।
उधर, मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में भी तेजी आई है। ब्रेंट क्रूड करीब 6 प्रतिशत बढ़कर 77.08 डॉलर प्रति बैरल और डब्ल्यूटीआई क्रूड लगभग 5.5 प्रतिशत चढ़कर 70.71 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।
शेयर बाजार में आई इस गिरावट का सीधा असर निवेशकों की संपत्ति पर भी पड़ा। 27 फरवरी 2026 को बीएसई पर सूचीबद्ध कंपनियों का कुल मार्केट कैप लगभग 4,63,50,671 करोड़ रुपये था, जो 2 मार्च को बाजार खुलते ही घटकर करीब 4,55,70,397 करोड़ रुपये रह गया। यानी निवेशकों की कुल संपत्ति में लगभग 7.8 लाख करोड़ रुपये की कमी दर्ज की गई।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि मिडिल ईस्ट में तनाव की स्थिति बनी रहती है तो आने वाले दिनों में बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है और निवेशकों को सतर्कता बरतने की जरूरत होगी।