सिरसा | बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा चुनाव 2026 के लिए नामांकन के बाद सियासी हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस की वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री कुमारी शैलजा ने भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि बिहार में अब शायद उन्हें नीतीश की जरूरत महसूस नहीं हो रही है, इसलिए उन्हें राज्यसभा भेजा जा रहा है।
सिरसा में पत्रकारों से बातचीत में शैलजा ने कहा कि भाजपा की यह चाल स्पष्ट रूप से जदयू के प्रभाव को कम करने और अपने उम्मीदवारों को सुरक्षित राज्यसभा सीट दिलाने की रणनीति का हिस्सा लगती है। उन्होंने यह भी कहा कि इस कदम से बिहार की राजनीतिक परिस्थितियों पर बड़ा असर पड़ेगा और जनता के लिए सियासी विकल्पों को चुनौती मिल सकती है।
नीतीश कुमार ने पटना में अपने नामांकन पत्र दाखिल किए, जिसमें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी रही। बिहार की पांच राज्यसभा सीटों के लिए मतदान 16 मार्च को होगा। एनडीए के उम्मीदवार फिलहाल मजबूत स्थिति में नजर आ रहे हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, भाजपा की यह रणनीति जदयू को कमज़ोर करने और अपनी सत्ता को और मजबूत करने की दिशा में अहम कदम है। शैलजा ने कहा कि राज्यसभा भेजने का यह फैसला जनता की अपेक्षाओं और बिहार के राजनीतिक संतुलन को प्रभावित कर सकता है।
कांग्रेस नेता ने यह भी बताया कि एनडीए की यह चाल केवल पार्टी की राजनीतिक लाभ की दृष्टि से की गई है, जबकि बिहार के विकास और सामाजिक सुधारों की प्राथमिकता पीछे छूट रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि जनता को जागरूक रहना होगा और सियासत में पारदर्शिता बनाए रखना हर राजनीतिक दल की जिम्मेदारी है।
शैलजा के इस बयान के बाद बिहार और राष्ट्रीय राजनीति में सियासी हलचल तेज हो गई है। राज्यसभा चुनावों को लेकर राजनीतिक दलों के बीच रणनीति और समीकरणों पर नजरें बनी हुई हैं।