Summer Express,चरखी दादरी | हरियाणा में झूठे वादों के जरिए निवेशकों से पैसा लेने वाली फरीदाबाद की एक कंस्ट्रक्शन कंपनी को उपभोक्ता आयोग ने बड़ा झटका दिया है। चरखी दादरी जिला उपभोक्ता शिकायत निवारण आयोग ने कंपनी को आदेश दिया है कि वह 20.46 लाख रुपये 5 प्रतिशत ब्याज सहित और 10,000 रुपये अतिरिक्त मुआवजा निवेशक को लौटाए।
यह मामला गांव बेरला निवासी निशा रानी से जुड़ा है। शिकायतकर्ता ने बताया कि डब्ल्यूटीसी फरीदाबाद इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट प्राइवेट लिमिटेड ने उन्हें 160 गज का आवासीय प्लॉट खरीदने के लिए प्रलोभित किया। कंपनी ने अपनी वेबसाइट, वीडियो और ब्रोशर के माध्यम से यह भरोसा दिलाया कि प्रोजेक्ट पूरी तरह वैध है और सभी जरूरी मंजूरियां प्राप्त हैं।
विश्वास में आकर शिकायतकर्ता ने पूरी राशि जमा कर दी, लेकिन भुगतान के 24 महीने बाद भी प्लॉट आवंटित नहीं किया गया। लगातार संपर्क करने के बावजूद कंपनी की ओर से कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। जब उन्होंने अपनी राशि वापस मांगी, तो कंपनी ने दो बार चेक जारी किए, लेकिन दोनों बाउंस हो गए। पहला चेक जून 2024 में 20 लाख रुपये का और दूसरा दिसंबर 2024 में 20.46 लाख रुपये का था, जिसे बैंक ने अस्वीकृत कर दिया।
कंपनी आयोग के समक्ष पेश नहीं हुई, जिसके चलते आयोग ने एकपक्षीय सुनवाई करते हुए फैसला सुनाया। आयोग के अध्यक्ष मंजीत सिंह नरियाल ने स्पष्ट किया कि कंपनी को 45 दिनों के भीतर पूरी राशि 5 प्रतिशत ब्याज सहित लौटानी होगी। यदि निर्धारित समय में भुगतान नहीं किया गया, तो यह राशि 7 प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर से बढ़ जाएगी।
उपभोक्ता आयोग ने इस निर्णय के माध्यम से स्पष्ट संदेश दिया है कि आवश्यक मंजूरियां प्राप्त किए बिना प्रोजेक्ट के विकास के झूठे दावे करना अनुचित व्यापार प्रथा है और निवेशकों के अधिकारों की रक्षा की जाएगी।