Summer Express,विकास शर्मा ,कांगड़ा | चैत्र नवरात्रि मेले के समापन के साथ इस वर्ष दान और विदेशी मुद्रा से जुड़े आंकड़े सामने आए हैं, जो पिछले वर्षों की तुलना में काफी उत्साहजनक रहे हैं। इस बार श्रद्धालुओं की आस्था और उदारता के चलते दानपात्र में रिकॉर्ड वृद्धि दर्ज की गई है।
जानकारी के अनुसार, वर्ष 2026 में चैत्र नवरात्रि मेला 19 मार्च से 27 मार्च तक कुल 9 दिनों तक आयोजित किया गया, जबकि पिछले वर्ष 2025 में यह मेला 30 मार्च से 6 अप्रैल तक यानी 8 दिनों तक चला था। एक दिन अधिक आयोजन का भी दान संग्रह पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा।
आंकड़ों के मुताबिक, पिछले वर्ष दानपात्र से कुल 79,55,072 रुपये की आय प्राप्त हुई थी। वहीं इस वर्ष श्रद्धालुओं ने अधिक दान देकर कुल चढ़ावा 91,02,752 रुपये तक पहुंचा दिया। इस प्रकार, पिछले वर्ष की तुलना में इस बार दान में 11,47,680 रुपये की उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
विदेशी मुद्रा के संग्रह में भी इस वर्ष बढ़ोतरी देखने को मिली है। वर्ष 2025 में कनाडा के 465 डॉलर और इंग्लैंड के 125 पाउंड प्राप्त हुए थे, जबकि 2026 में यह आंकड़ा बढ़कर क्रमशः 870 कनाडा डॉलर और 965 इंग्लैंड पाउंड हो गया।
इसके अलावा, इस वर्ष के दान में अन्य देशों की मुद्राएं भी शामिल रहीं, जिनमें अमेरिका के 280 डॉलर, ऑस्ट्रेलिया के 130 डॉलर, मलेशिया के 26 रिंगित, ओमान की मुद्रा (100 बैसा और आधा रियाल) तथा संयुक्त अरब अमीरात के 100 दिरहम शामिल हैं।
कुल मिलाकर इस वर्ष का चैत्र नवरात्रि मेला दान और विदेशी मुद्रा के लिहाज से रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है, जो श्रद्धालुओं की बढ़ती आस्था और विश्वास को दर्शाता है।