Summer Express,चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने स्कूली बच्चों के पोषण स्तर को बेहतर बनाने के उद्देश्य से मिड-डे मील योजना के तहत 747 करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी दी है। यह स्वीकृति प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना के अंतर्गत दी गई है, जिससे राज्य के लाखों बच्चों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जाएगा।
मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में आयोजित राज्य स्तरीय संचालन एवं निगरानी समिति (एसएलएसएमसी) की बैठक में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए इस बजट को हरी झंडी दी गई। इस योजना में केंद्र सरकार 222 करोड़ रुपये जबकि राज्य सरकार 525 करोड़ रुपये का योगदान देगी।
सरकार का लक्ष्य बाल वाटिका से लेकर उच्च प्राथमिक कक्षाओं तक के 14.80 लाख से अधिक विद्यार्थियों को इस योजना से लाभान्वित करना है। बैठक में योजना के क्रियान्वयन, वित्तीय प्रगति और आगामी कार्ययोजना की विस्तार से समीक्षा की गई।
मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी जिलों में भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता और पोषण मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि बच्चों के भोजन की गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके लिए निगरानी तंत्र को और मजबूत करने तथा नियमित निरीक्षण करने के निर्देश भी दिए गए।
योजना के तहत बच्चों को पौष्टिक और संतुलित आहार उपलब्ध कराया जाएगा, जिसमें दूध, प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थ, मूंगफली पिन्नी और खीर जैसे पोषण तत्व शामिल होंगे। साथ ही विद्यार्थियों से फीडबैक लेकर भोजन की गुणवत्ता में सुधार किया जाएगा।
सरकार का मानना है कि यह योजना न केवल बच्चों के स्वास्थ्य को बेहतर बनाएगी, बल्कि स्कूलों में उपस्थिति बढ़ाने और नामांकन को बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।