Summer express, करनाल । जिले में एक स्कूल बस ड्राइवर की लापरवाही ने दर्जनों बच्चों की जान खतरे में डाल दी। नशे की हालत में बस चला रहा ड्राइवर सड़क पर वाहन को अनियंत्रित तरीके से चलाने लगा, जिससे बस में सवार बच्चे घबरा गए और जोर-जोर से रोने लगे। समय रहते एक जागरूक राहगीर की सूझबूझ से एक बड़ा हादसा टल गया।
घटना मंगलवार सुबह की बताई जा रही है। करनाल के ग्लोबल स्कूल की बस रोज की तरह बच्चों को लेने बजीदा गांव पहुंची थी। इस गांव से लगभग 30 बच्चे स्कूल में पढ़ते हैं, जिनमें से उस समय करीब 12 से 15 बच्चे बस में सवार थे। जैसे ही बस गांव की सीमा पार कर नेवल रोड पर पहुंची, ड्राइवर ने नियंत्रण खोना शुरू कर दिया। बताया जा रहा है कि अत्यधिक नशे के कारण वह बस को सीधी दिशा में नहीं चला पा रहा था और वाहन असंतुलित तरीके से सड़क किनारे-किनारे चलने लगा।
बस की अनियमित चाल और अचानक झटकों से बच्चे डर गए और चीख-पुकार मच गई। स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि बच्चों को अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता सताने लगी।
इसी दौरान वहां से गुजर रहे एक युवक ने बच्चों की आवाजें सुनीं और बस की हालत देख तुरंत स्थिति को समझ लिया। उसने अपनी XUV गाड़ी बस के आगे लगाकर उसे रोक दिया। इसके बाद उसने बस चालक को नीचे उतारा, जहां उसकी हालत देखकर स्पष्ट हो गया कि वह अत्यधिक नशे में था और ठीक से खड़ा भी नहीं हो पा रहा था।
युवक ने तुरंत बच्चों को बस से बाहर निकाला और अपनी गाड़ी में बैठाकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। उसने मानवीयता दिखाते हुए सभी बच्चों को उनके स्कूल तक सुरक्षित पहुंचाने में मदद की।
घटना का वीडियो युवक ने अपने मोबाइल से रिकॉर्ड किया, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में ड्राइवर नशे की हालत में लड़खड़ाता हुआ दिखाई दे रहा है। पूछताछ के दौरान उसने स्वीकार किया कि वह चंडीगढ़ से शराब पीकर आया था। हैरानी की बात यह रही कि बस में मौजूद एक स्कूल स्टाफ सदस्य ने इस स्थिति पर कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया नहीं दी।
कुछ देर बाद ड्राइवर मौका पाकर खाली बस लेकर वहां से फरार हो गया।
इस घटना के बाद शिक्षा विभाग ने मामले का संज्ञान लिया है। जिला शिक्षा अधिकारी ने इसे गंभीर लापरवाही बताते हुए कहा कि बच्चों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। संबंधित ब्लॉक शिक्षा अधिकारी को जांच के निर्देश दिए गए हैं और रिपोर्ट मांगी गई है। साथ ही, स्कूल प्रबंधन और ड्राइवर के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
वहीं, स्कूल प्रशासन की ओर से अभी तक कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। इस घटना के बाद अभिभावकों में नाराजगी और चिंता का माहौल है। उनका कहना है कि बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना स्कूल की जिम्मेदारी है और इस तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जानी चाहिए।