Summer express,गुरुग्राम | ऊर्जा और स्वच्छ वायु अनुसंधान केंद्र (सीआरईए) की रिपोर्ट के अनुसार, मार्च 2026 में गुरुग्राम देश का सबसे प्रदूषित शहर रहा। यहां पीएम-2.5 का औसत स्तर 116 दर्ज किया गया, जो बेहद चिंताजनक स्थिति को दर्शाता है।
रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के 11 महीनों तक गाजियाबाद देश का सबसे प्रदूषित शहर बना रहा। इससे साफ है कि एनसीआर क्षेत्र में वायु गुणवत्ता लगातार खराब बनी हुई है।
सबसे प्रदूषित 10 शहरों की सूची में हरियाणा के गुरुग्राम, बहादुरगढ़, फरीदाबाद और भिवाड़ी शामिल हैं, जबकि उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद और नोएडा भी इसमें शामिल हैं।
सीआरईए के अनुसार, हरियाणा में वायु गुणवत्ता मानकों का उल्लंघन करने वाले शहरों की संख्या सबसे ज्यादा है। राज्य के 24 शहरों में से 9 शहरों में पीएम-2.5 स्तर निर्धारित सीमा से अधिक पाया गया। वहीं उत्तर प्रदेश के 21 में से 8 शहरों में भी यही स्थिति देखने को मिली।
मार्च के दौरान गुरुग्राम की हवा ज्यादातर दिनों ‘खराब’ से ‘बहुत खराब’ श्रेणी में रही। 7, 10, 11 और 12 मार्च को वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 300 के पार पहुंच गया, जो ‘गंभीर’ श्रेणी में आता है। 7 मार्च को AQI 322 दर्ज किया गया, जो महीने का सबसे खराब स्तर रहा।
गाजियाबाद में भी स्थिति बेहद खराब रही। कई दिनों तक AQI ‘खराब’ से ‘बेहद खराब’ श्रेणी में रहा। 8 मार्च को AQI 309 और 10 मार्च को 329 तक पहुंच गया, जो स्वास्थ्य के लिए खतरनाक स्तर माना जाता है।
इसके अलावा भिवाड़ी और फरीदाबाद में भी प्रदूषण का स्तर लगातार ऊंचा बना रहा। फरीदाबाद में यह स्तर 266 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर तक पहुंच गया।
रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम के तहत कुछ ही शहर पीएम-10 स्तर कम करने के लक्ष्य को हासिल कर पाए हैं। हालांकि कुछ शहरों में सुधार देखने को मिला है, लेकिन कुल मिलाकर देश में प्रदूषण की स्थिति अब भी गंभीर बनी हुई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले समय में यह समस्या और विकराल रूप ले सकती है।