पंचकूला खैर तस्करी मामला: 1148 पेड़ कटे, तीन अधिकारियों पर कार्रवाई

Karuna
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Summer Express - पंचकूला खैर तस्करी मामला: 1148 पेड़ कटे, तीन अधिकारियों पर कार्रवाई

Summer Express,पंचकूला। पंचकूला के संरक्षित वन क्षेत्र आसरेवाली जंगल में खैर के 1148 पेड़ों की अवैध कटाई और तस्करी के मामले ने बड़ा रूप ले लिया है। राज्य सरकार ने इस मामले में कड़ा संज्ञान लेते हुए जांच तेज कर दी है।

प्राथमिक जांच में चीफ वाइल्डलाइफ वार्डन आईएफएस अधिकारी बी. निवेदिता, पंचकूला के रेंज अधिकारी सुरजीत सिंह और जिला वन्य जीव अधिकारी आर.पी. दांगी की भूमिका पर सवाल उठाए गए हैं। रिपोर्ट में आरोप है कि इन अधिकारियों की लापरवाही और संभावित मिलीभगत के चलते बड़े पैमाने पर पेड़ों की अवैध कटाई को रोका नहीं जा सका।

पर्यावरण, वन एवं वन्य जीव विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव (ACS) ने प्रधान मुख्य वन संरक्षक को इन तीनों अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद प्रधान मुख्य वन संरक्षक ने पंचकूला पुलिस कमिश्नर को पत्र लिखकर एफआईआर दर्ज करने की सिफारिश की है। साथ ही भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और वन्य जीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत कार्रवाई की मांग भी की गई है।

विभागीय रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि कटे हुए पेड़ों के ठूंठों को जलाकर सबूत मिटाने की कोशिश की गई। रिपोर्ट के अनुसार, इतनी बड़ी संख्या में पेड़ों की कटाई बिना अंदरूनी मिलीभगत के संभव नहीं है। पूरे मामले की जानकारी मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को भी सौंपी गई है।

इस बीच, मामले की जांच के लिए गठित छह सदस्यीय एसआईटी ने अपनी जांच शुरू कर दी है। एसआईटी के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो पहले से दर्ज एफआईआर में संबंधित अधिकारियों के नाम जोड़े जा सकते हैं।

रिपोर्ट में तीनों अधिकारियों की जिम्मेदारियों का उल्लेख करते हुए कहा गया है कि सुपरविजन और निरीक्षण में गंभीर लापरवाही बरती गई, जिसके चलते जंगल माफिया को बिना रोक-टोक खैर के पेड़ों की कटाई करने का मौका मिला।

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