Summer Express, सिरसा | हरियाणा में रात हुई बारिश ने जहां मौसम को ठंडा और सुहावना बना दिया, वहीं दूसरी ओर किसानों की परेशानियां बढ़ा दी हैं। बारिश के चलते प्रदेश के अधिकतम तापमान में करीब 12 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई है, जिससे दिन का तापमान 24 से 29 डिग्री सेल्सियस के बीच पहुंच गया।
पिछले 24 घंटों में प्रदेश के लगभग 20 जिलों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई, जिससे एक तरफ गर्मी से राहत मिली, लेकिन दूसरी तरफ अनाज मंडियों में रखी गेहूं की फसल भीग गई। कई जगहों पर पर्याप्त तिरपाल और शेड की व्यवस्था नहीं होने के कारण किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा।
मंडी प्रबंधन की कमी के चलते हजारों क्विंटल गेहूं बारिश की चपेट में आ गया। अकेले पानीपत में करीब 20 हजार क्विंटल गेहूं भीगने की जानकारी सामने आई है। वहीं नूंह और सोनीपत में किसानों को तिरपाल तक उपलब्ध नहीं हो सका, जिससे उन्हें खुद ही फसल बचाने के लिए जद्दोजहद करनी पड़ी।
झज्जर में भी हजारों क्विंटल गेहूं भीगने के बाद उसे शेड के नीचे पहुंचाने के लिए बुलडोजर की मदद ली गई। रेवाड़ी में खराब मौसम के कारण मंडी संचालन ही प्रभावित रहा। हिसार और भिवानी में तेज हवा के कारण तिरपाल से ढकी फसल भी भीग गई। करनाल में भी किसान अपने स्तर पर फसल को बचाने में जुटे नजर आए।
वहीं अंबाला के साहा अनाज मंडी में आंशिक रूप से गेहूं भीगा, जबकि कैथल, यमुनानगर और फतेहाबाद में स्थिति अपेक्षाकृत बेहतर रही। कई स्थानों पर सरकारी और निजी खरीद प्रक्रिया भी प्रभावित हुई है।
किसानों का कहना है कि लगातार बदलते मौसम और बारिश के कारण फसल की नमी बढ़ गई है, जिससे मंडियों में तय 12 प्रतिशत नमी मानक को पूरा करना मुश्किल हो रहा है। पहले ओलावृष्टि और अब बारिश ने उनकी मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। खेतों में कटाई और थ्रेसिंग का काम भी रुक गया है।
मौसम विभाग के अनुसार, बारिश के चलते पूरे क्षेत्र में बादल छाए रहे और तापमान में अचानक गिरावट आई, जिससे लोगों को ठंड का एहसास हुआ। हालांकि कुछ जिलों जैसे सिरसा, फरीदाबाद और हांसी में बारिश नहीं हुई, लेकिन वहां भी बादल छाए रहे।