कांगड़ा ,संजीव-: नूरपुर में ऑनलाइन ठगी का एक मामला सामने आया है, जहां साइबर अपराधियों ने फर्जी ई-चालान ऐप के जरिए ठगी करने का प्रयास किया, लेकिन समय रहते सतर्कता बरतने से एक बड़ा नुकसान टल गया। यह मामला नूरपुर के एडवोकेट अजितेश पठानिया से जुड़ा है, जिन्होंने अपनी सूझबूझ से साइबर ठगों की चाल को नाकाम कर दिया।
जानकारी के अनुसार, एडवोकेट अजितेश पठानिया को एक संदिग्ध लिंक/ऐप के माध्यम से ई-चालान से संबंधित सूचना भेजी गई। पहली नजर में यह एक सरकारी प्रक्रिया जैसा प्रतीत हो रहा था, लेकिन उन्हें इस पर संदेह हुआ। शक होने पर उन्होंने तुरंत पुलिस जिला नूरपुर की साइबर सेल ब्रांच से संपर्क किया और पूरी जानकारी साझा की।साइबर सेल ने मामले को गंभीरता से लेते हुए उन्हें तुरंत सावधानी बरतने की सलाह दी। अधिकारियों ने उनके सभी बैंक खातों को सुरक्षित करने और अस्थायी रूप से बंद/सीज कराने की प्रक्रिया अपनाने को कहा। साइबर सेल की सलाह पर एडवोकेट अजितेश ने बिना देर किए संबंधित बैंक शाखा में जाकर अपने खातों को बंद कराने के लिए आवेदन दिया।समय रहते उठाए गए इस कदम के चलते साइबर ठग उनके खातों तक पहुंच नहीं बना सके और एक बड़ा ऑनलाइन फ्रॉड टल गया। इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि सतर्कता और जागरूकता ही साइबर अपराधों से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है।
एडवोकेट अजितेश पठानिया ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी अनजान लिंक, ऐप या मैसेज पर भरोसा न करें और बिना पुष्टि किए कोई भी एप्लिकेशन डाउनलोड न करें। उन्होंने कहा कि यदि किसी भी तरह का संदेह हो तो तुरंत साइबर सेल या पुलिस से संपर्क करें।उन्होंने इस मामले में सहयोग के लिए पुलिस जिला नूरपुर की साइबर सेल टीम और एसपी नूरपुर का धन्यवाद भी व्यक्त किया।