शिमला,संजू-:हिमाचल प्रदेश पथ परिवहन निगम (HRTC) के चालक-परिचालक यूनियन ने कर्मचारियों के साथ बढ़ती मारपीट की घटनाओं को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। यूनियन ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि जोगिंदरनगर में परिचालक के साथ हुई मारपीट के मामले में एक सप्ताह के भीतर सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो पूरे प्रदेश में बस सेवाएं ठप कर दी जाएंगी। यूनियन का कहना है कि ऐसी स्थिति के लिए प्रशासन, प्रबंधन और सरकार जिम्मेदार होंगे।
यूनियन के अध्यक्ष मान सिंह ने घटना पर गहरा रोष जताते हुए बताया कि जोगिंदरनगर डिपो की बस के परिचालक के साथ हुई यह घटना बेहद चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार और प्रशासन की जिम्मेदारी है, लेकिन लगातार हो रही घटनाएं इस जिम्मेदारी पर सवाल खड़े करती हैं। यदि दोषियों के खिलाफ सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो यूनियन आर-पार की लड़ाई के लिए तैयार है।घटना के बारे में जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि जोगिंदरनगर से कुड्डू रूट पर चल रही दो बसें एक संकरे स्थान पर आमने-सामने आ गई थीं। वहां पर्याप्त जगह न होने के कारण परिचालक बस को पीछे करवाने में लगा हुआ था। इसी दौरान पीछे से आ रही एक स्कूटी को साइड देने के लिए कहा गया, जिससे विवाद शुरू हो गया। आरोप है कि स्कूटी चालक ने रास्ता देने से इनकार कर दिया और परिचालक के साथ बहस करते हुए हाथापाई शुरू कर दी।
स्थिति उस समय और बिगड़ गई जब स्कूटी पर पीछे बैठे एक अन्य व्यक्ति ने भी मारपीट में हिस्सा लिया। यूनियन का आरोप है कि इसके बाद कुछ अन्य युवकों को भी मौके पर बुलाया गया, जिन्होंने मिलकर परिचालक की बेरहमी से पिटाई की। इस हमले में परिचालक को गंभीर चोटें आईं और उसके शरीर पर सूजन भी देखी गई।यूनियन ने इस मामले में पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि जब पुलिस मौके पर पहुंची तो उन्होंने घटना की गंभीरता को नजरअंदाज करते हुए परिचालक से लाइसेंस मांगना शुरू कर दिया, जबकि मामला मारपीट का था। आरोप है कि शुरुआत में परिचालक की शिकायत भी दर्ज नहीं की गई। बाद में जोगिंदरनगर में शिकायत दर्ज करवाई गई, जहां पुलिस ने मेडिकल जांच करवाई और उच्च अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद मामला दर्ज किया गया।
यूनियन ने मांग की है कि इस मामले में शामिल सभी आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी प्रकार का राजनीतिक दबाव बनाकर समझौता कराने की कोशिश की गई, तो यूनियन इसका कड़ा विरोध करेगी। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक कार्रवाई नहीं होती, संबंधित रूट पर बस सेवाएं प्रभावित रहेंगी।
मान सिंह ने कहा कि यदि एक सप्ताह के भीतर न्याय नहीं मिला, तो यूनियन 20 अप्रैल को पूरे प्रदेश में चक्का जाम करने का निर्णय लेगी। उन्होंने कहा कि आए दिन कर्मचारियों के साथ हो रही मारपीट अब बर्दाश्त से बाहर हो चुकी है। यदि इस मामले को दबाने की कोशिश की गई, तो आंदोलन और भी बड़ा रूप ले सकता है।यूनियन ने आम जनता से भी अपील की है कि ऐसी घटनाओं के दौरान मूकदर्शक न बनें, बल्कि कर्मचारियों का साथ दें और कानून व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें।