Summer Express,अमृतसर। श्री गुरु रामदास जी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर विमानों की सुरक्षा और पर्यावरण प्रबंधन को लेकर एयरपोर्ट एनवायरनमेंट मैनेजमेंट सेंटर (AEMC) की एक अहम बैठक आयोजित की गई। एयरपोर्ट डायरेक्टर भूपेंद्र सिंह की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में एयरपोर्ट संचालन को प्रभावित करने वाले विभिन्न खतरों पर विस्तार से चर्चा की गई और सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए गए।
बैठक में नागरिक उड्डयन विभाग, स्थानीय प्रशासन, पुलिस, CISF, वन विभाग, स्वास्थ्य विभाग, खाद्य आपूर्ति विभाग, एयरलाइंस प्रतिनिधियों सहित कई एजेंसियों के अधिकारी शामिल हुए। सभी विभागों ने मिलकर एयरपोर्ट सुरक्षा को मजबूत करने और संभावित जोखिमों को कम करने पर विचार-विमर्श किया।
अधिकारियों ने सबसे अधिक चिंता एयरपोर्ट के आसपास बढ़ती पक्षियों और वन्यजीवों की गतिविधियों को लेकर जताई। इसे विमान सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बताते हुए ‘बर्ड-हिट’ घटनाओं को रोकने के लिए लगातार और प्रभावी कार्रवाई की आवश्यकता पर जोर दिया गया। पिछले साल हुई बैठक के बाद लागू किए गए सुरक्षा उपायों की भी समीक्षा की गई।
बैठक में लैंडिंग और टेकऑफ के दौरान विमानों पर लेजर लाइट डालने की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए इस पर तत्काल रोक लगाने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने कहा कि ऐसी गतिविधियां पायलट की दृश्यता को प्रभावित करती हैं और गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकती हैं।
इसके अलावा एयरपोर्ट के प्रतिबंधित क्षेत्र और उसके आसपास अवैध ड्रोन उड़ानों पर भी सख्ती बढ़ाने का फैसला लिया गया। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि एयरपोर्ट के आसपास किसी भी प्रकार की अनधिकृत ड्रोन गतिविधि सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा है और इसे किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
बैठक में एयरपोर्ट के आसपास हो रहे अवैध निर्माणों का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। अधिकारियों ने कहा कि संवेदनशील क्षेत्र होने के कारण एयरपोर्ट के आसपास किसी भी प्रकार का गैरकानूनी निर्माण सुरक्षा मानकों के खिलाफ है और इस पर संबंधित विभागों को तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए।
साथ ही एयरपोर्ट के आसपास खुले में कचरा, पशु अवशेष और अवैध बूचड़खानों की समस्या पर भी चिंता जताई गई। अधिकारियों ने कहा कि ऐसे कारण पक्षियों को आकर्षित करते हैं, जिससे ‘बर्ड-हिट’ का खतरा बढ़ता है। इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए ठोस कदम उठाने पर सहमति बनी।
एयरपोर्ट डायरेक्टर भूपेंद्र सिंह ने कहा कि एयरपोर्ट की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी एजेंसियों को मिलकर समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि हवाई संचालन सुरक्षित और सुचारु बना रहे।