Summer Express, प्योंगयांग | उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन ने हाल ही में देश के नए 5,000 टन क्षमता वाले विध्वंसक युद्धपोत ‘चोए ह्योन’ से किए गए मिसाइल परीक्षणों का निरीक्षण किया। सरकारी मीडिया के अनुसार यह परीक्षण उत्तर कोरिया की नौसैनिक क्षमता को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
इस परीक्षण के दौरान दो सामरिक क्रूज मिसाइलें और तीन एंटी-शिप मिसाइलें दागी गईं। रिपोर्ट के मुताबिक, क्रूज मिसाइलें दो घंटे से अधिक समय तक उड़ान में रहीं, जबकि एंटी-शिप मिसाइलों ने लगभग 30 मिनट तक तय लक्ष्य की ओर बढ़ते हुए सटीक निशाना साधा। यह युद्धपोत पहली बार अप्रैल 2025 में सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित किया गया था और इसे देश की आधुनिक नौसैनिक शक्ति का प्रतीक माना जाता है।
सरकारी एजेंसी द्वारा जारी तस्वीरों में किम जोंग उन और वरिष्ठ अधिकारी इस परीक्षण को देखते हुए नजर आए। परीक्षण के बाद किम ने कहा कि उत्तर कोरिया परमाणु हथियारों के “असीमित विस्तार” के लिए प्रतिबद्ध है और देश अपनी सैन्य क्षमताओं को तेजी से आगे बढ़ाएगा।
इसके साथ ही किम ने निर्माणाधीन तीसरे और चौथे युद्धपोतों के लिए नई हथियार प्रणालियों की योजनाओं की भी समीक्षा की। इससे स्पष्ट है कि उत्तर कोरिया अपनी नौसेना को और अधिक आधुनिक और शक्तिशाली बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के लगातार सैन्य परीक्षण क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर चिंता का विषय हैं, खासकर दक्षिण कोरिया, जापान और अमेरिका के लिए। इससे एशिया में तनाव बढ़ने की आशंका है और वैश्विक सुरक्षा पर भी इसका प्रभाव पड़ सकता है।