summer express,सोनीपत | हरियाणा के सोनीपत जिले में महिला एवं बाल विकास विभाग की लापरवाही का गंभीर मामला सामने आया है, जहां खरखौदा ब्लॉक के आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से वितरित किए जा रहे प्रोटीन मिल्क बार में जिंदा कीड़े मिलने से लोगों में भारी आक्रोश फैल गया। यह मामला सैदपुर गांव में उस समय उजागर हुआ जब ग्रामीणों ने वितरण के बाद पैकेट खोलकर देखा और उसके अंदर कीड़े रेंगते पाए।
हैरानी की बात यह है कि जिन पैकेटों में कीड़े मिले, उन पर मैन्युफैक्चरिंग जनवरी 2026 और एक्सपायरी डेट 25 अप्रैल 2026 दर्ज है, यानी उत्पाद एक्सपायरी से पहले ही खराब स्थिति में पहुंच चुका था। इस घटना को लेकर ग्रामीणों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि आंगनबाड़ी के माध्यम से बच्चों और गर्भवती महिलाओं को दिया जाने वाला यह पोषण आहार स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकता है।
खरखौदा ब्लॉक की सीडीपीओ नीलम के अनुसार, 9 मार्च को ब्लॉक में 137 बॉक्स यानी 78,912 प्रोटीन मिल्क बार की सप्लाई मुख्यालय स्तर के टेंडर के तहत गनौर की एक कंपनी से आई थी। उन्होंने स्वीकार किया कि एक्सपायरी डेट नजदीक होने के बावजूद इनका वितरण किया गया, हालांकि कुछ अधिकारियों ने पैकेट में मिले कीड़ों को ‘जाला’ बताया है, जिस पर भी सवाल उठ रहे हैं।
मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए बचे हुए स्टॉक के वितरण पर रोक लगा दी है और सुपरवाइजरों को घर-घर जाकर पहले से वितरित पैकेटों की जांच के निर्देश दिए हैं। फिलहाल किसी के बीमार होने की सूचना नहीं है, लेकिन इस घटना ने सप्लाई, स्टोरेज और गुणवत्ता जांच प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।