शिमला ,संजू-:नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार द्वारा लाए गए नारी शक्ति वंदन अधिनियम की सराहना करते हुए इसे महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल बताया है। उन्होंने कहा कि इस महत्वपूर्ण कानून के लिए संसद का विशेष सत्र बुलाना केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
जयराम ठाकुर ने कहा कि यह अधिनियम देश की माताओं, बहनों और बेटियों को राजनीति में अधिक भागीदारी का अवसर देगा और उन्हें निर्णय प्रक्रिया में मजबूत स्थान दिलाने में मदद करेगा। उनके अनुसार, महिलाओं की बढ़ती भागीदारी लोकतंत्र को और अधिक सशक्त बनाएगी तथा नीतियों में संतुलन और संवेदनशीलता लाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने महिला सशक्तिकरण को प्राथमिकता दी है और यह कानून उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा।उन्होंने आगे कहा कि इस अधिनियम के लागू होने से आने वाले समय में देश की सामाजिक और राजनीतिक दिशा पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। महिलाओं की सक्रिय भागीदारी से शासन प्रणाली अधिक समावेशी बनेगी और समाज में समानता को बढ़ावा मिलेगा।
इसी दौरान जयराम ठाकुर ने मंडी जिले के सरकाघाट में 19 वर्षीय युवती की हत्या के मामले को लेकर प्रदेश की कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि इस घटना ने सरकार की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। उनका आरोप था कि प्रदेश में कानून व्यवस्था पूरी तरह से चरमराई हुई है और पुलिस अपने मूल कार्यों से भटक रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि विपक्ष इस मुद्दे पर राजनीति नहीं कर रहा, बल्कि जनता की सुरक्षा को लेकर गंभीर है।
वहीं, हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू द्वारा हिमाचल दिवस पर की गई घोषणाओं को लेकर भी जयराम ठाकुर ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की घोषणाओं पर न तो विपक्ष को भरोसा है और न ही प्रदेश की जनता को। उनका कहना था कि विधानसभा में की गई कई घोषणाओं पर अब तक कोई ठोस काम नहीं हुआ है।
जयराम ठाकुर ने मुख्यमंत्री पर आरोप लगाया कि वे जल्दबाजी में फैसले लेते हैं और बाद में उन्हें वापस लेना पड़ता है। उन्होंने किन्नौर जिले की महिलाओं को 1500 रुपये प्रतिमाह देने की घोषणा का जिक्र करते हुए कहा कि इसमें कई तरह की पात्रता शर्तें जोड़ दी गई हैं, जबकि चुनाव से पहले ऐसी कोई शर्त नहीं बताई गई थी।उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पहले जिन क्षेत्रों में यह आर्थिक सहायता दी गई, वह भी केवल चुनावी समय तक सीमित रही और बाद में महिलाओं को नियमित रूप से यह राशि नहीं मिल पाई। जयराम ठाकुर ने कहा कि सरकार को घोषणाओं के बजाय ज़मीनी स्तर पर काम करने की जरूरत है, ताकि जनता का विश्वास बहाल हो सके।