Summer express,करनाल | हरियाणा के करनाल जिले में परिवार पहचान पत्र में हुई बड़ी तकनीकी गलती ने 70 वर्षीय बुजुर्ग महिला रहीसा की जिंदगी मुश्किल में डाल दी है। पिछले 11 महीनों से उनका राशन कार्ड बंद पड़ा है और वह लगातार सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने को मजबूर हैं, लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं हो सका है।
जानकारी के अनुसार, चांद सराए कॉलोनी निवासी रहीसा के पति नसीर का निधन करीब 20 साल पहले हो चुका है, लेकिन फैमिली आईडी में गलती से उनके मृत पति की जगह एक अन्य व्यक्ति रणधीर का नाम दर्ज कर दिया गया है। महिला का कहना है कि वह इस नाम के किसी व्यक्ति को जानती भी नहीं हैं। इस गंभीर त्रुटि के कारण उनका राशन बंद कर दिया गया, जिससे वह पिछले एक साल से सरकारी राशन से वंचित हैं।
राशन बंद होने के बाद बुजुर्ग महिला आर्थिक तंगी से जूझ रही हैं और अपनी आजीविका के लिए गाय का दूध बेचकर किसी तरह गुजारा कर रही हैं। उम्र और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के बीच उन्हें रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।
इस गलती का असर सिर्फ रहीसा तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि उनकी बेटी सानिया के भविष्य पर भी पड़ रहा है। दस्तावेजों में गलत जानकारी के कारण उसके नौकरी आवेदन बार-बार रिजेक्ट हो रहे हैं, जिससे उसका करियर भी प्रभावित हो रहा है।
पीड़िता ने कई बार अलग-अलग विभागों के चक्कर लगाए और एडीसी कार्यालय, बिजली विभाग तथा अटल सेवा केंद्र में शिकायतें दीं, लेकिन महीनों की दौड़ के बाद भी समस्या जस की तस बनी हुई है। लगातार अनदेखी से परेशान महिला अब न्याय की गुहार लगा रही हैं।
मामला मीडिया में आने के बाद प्रशासन ने संज्ञान लिया है। करनाल के एडीसी डॉ. राहुल ने कहा कि बुजुर्ग महिला को जल्द कार्यालय बुलाकर फैमिली आईडी की गलती ठीक की जाएगी और जिम्मेदार कर्मचारियों की लापरवाही की जांच कर कार्रवाई की जाएगी।