Summer express/शिमला: बहुचर्चित चेस्टर हिल प्रकरण को लेकर प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। भाजपा के प्रदेश मुख्य प्रवक्ता राकेश जमवाल ने मामले में सामने आए तथ्यों को गंभीर बताते हुए निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक जानकारी में बड़े पैमाने पर जमीन खरीद से जुड़े कई सवाल खड़े हो रहे हैं, जिनकी गहन जांच आवश्यक है।
जमवाल के अनुसार, कंपनी से जुड़े कुछ कर्मचारियों और उनके परिजनों के नाम पर बड़ी मात्रा में जमीन खरीदे जाने की बात सामने आई है, जो उनकी घोषित आय से मेल नहीं खाती।उन्होंने इसे संदिग्ध बताते हुए कहा कि इस तरह के मामलों में वित्तीय अनियमितताओं और संभावित मनी लॉन्ड्रिंग के पहलुओं की भी जांच होनी चाहिए। उनका कहना है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह एक संगठित आर्थिक अनियमितता का मामला हो सकता है।उन्होंने यह भी कहा कि जांच केवल सीमित दायरे तक नहीं रहनी चाहिए, बल्कि इसमें सभी संभावित पक्षों—प्रशासनिक स्तर, परियोजना से जुड़े व्यक्तियों और अन्य संबंधित लोगों—की भूमिका को भी शामिल किया जाना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि जांच प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष, समयबद्ध और किसी भी तरह के दबाव से मुक्त होनी चाहिए।
भाजपा प्रवक्ता ने प्रदेश सरकार से अपील की कि मामले को गंभीरता से लेते हुए पारदर्शिता बनाए रखी जाए और जनता के सामने सच्चाई लाई जाए। उन्होंने कहा कि यदि किसी भी स्तर पर अनियमितता या कानून का उल्लंघन पाया जाता है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।जमवाल ने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी इस मुद्दे को जनहित से जुड़ा मानती है और इसे आगे भी उठाती रहेगी, ताकि प्रदेश में जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके।