कांगड़ा, संजीव -:मेहनत, हौसले और अटूट इच्छाशक्ति की मिसाल पेश करते हुए फतेहपुर विधानसभा क्षेत्र के ग्राम पंचायत कंदोर के 24 वर्षीय मोहित कंदोरिया ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने यूजीसी नेट परीक्षा उत्तीर्ण कर अपने क्षेत्र के पहले छात्र बनने का गौरव प्राप्त किया है। उनकी यह सफलता केवल एक परीक्षा पास करने तक सीमित नहीं, बल्कि यह संघर्ष, साहस और समर्पण की प्रेरणादायक कहानी है।
दिव्यांग होने के कारण मोहित को रोजमर्रा की जिंदगी में कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। जहां अन्य छात्रों के लिए कॉलेज जाना आसान होता है, वहीं उनके लिए यह एक चुनौतीपूर्ण कार्य था। इस संघर्षपूर्ण सफर में उनके पिता नरेंद्र कुमार ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने अपने बेटे के उज्ज्वल भविष्य के लिए बाहर मजदूरी करना तक छोड़ दिया और प्रतिदिन उसे कॉलेज छोड़ने और वापस लाने की जिम्मेदारी निभाई। उनका यह त्याग मोहित की सफलता की मजबूत नींव बना।
मोहित वर्तमान में वजीर राम सिंह राजकीय महाविद्यालय, देहरी में एम.ए. इतिहास के छात्र हैं। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा गांव के सरकारी विद्यालयों से पूरी की और आगे की पढ़ाई सीआरसी कामरेड राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, रैहन से की। आर्थिक रूप से कमजोर परिवार से होने के बावजूद उन्होंने बिना किसी कोचिंग के यह सफलता हासिल की।मोहित ने अपनी इस उपलब्धि का श्रेय अपने माता-पिता, मार्गदर्शक सहायक प्रोफेसर अनिल शर्मा और क्षेत्र के विधायक भवानी सिंह पठानिया को दिया। उनका कहना है कि सही मार्गदर्शन, कड़ी मेहनत और परिवार के समर्थन से हर लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। उनकी कहानी आज युवाओं के लिए एक बड़ी प्रेरणा बनकर उभरी है।