गुरुग्राम-:हरियाणा में बढ़ते सड़क हादसों और आपात स्थितियों को देखते हुए हरियाणा सरकार ने इमरजेंसी हेल्थ सर्विसेज को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। राज्य सरकार जल्द ही अपने एंबुलेंस बेड़े में 296 नई एंबुलेंस शामिल करने जा रही है, जिनका मकसद दुर्घटना या गंभीर मरीजों तक तेजी से चिकित्सा सहायता पहुंचाना है।
इन नई एंबुलेंस की खास बात यह है कि ये सिर्फ संख्या में बढ़ोतरी नहीं करेंगी, बल्कि आधुनिक तकनीक से भी लैस होंगी। इनमें रियल-टाइम जीपीएस ट्रैकिंग, ऑटोमैटिक कॉल-रूटिंग सिस्टम और डायरेक्ट कम्युनिकेशन डिवाइस लगाए जाएंगे, जिससे कॉल रिसीव होने से लेकर मौके पर पहुंचने तक का समय कम किया जा सकेगा। सरकार का लक्ष्य है कि किसी भी इमरजेंसी में एंबुलेंस दस मिनट से कम समय में मौके पर पहुंचे।
नई योजना के तहत 70 एंबुलेंस एडवांस्ड लाइफ सपोर्ट (ALS) सुविधाओं से लैस होंगी, जबकि 59 एंबुलेंस आउटसोर्सिंग के जरिए जोड़ी जाएंगी। इसके अलावा 167 बेसिक लाइफ सपोर्ट (BLS) एंबुलेंस की खरीद प्रक्रिया जारी है। National Health Mission के निदेशक डॉ. वीरेंद्र यादव के अनुसार ट्रॉमा, हार्ट अटैक और सड़क हादसों जैसे मामलों में हर मिनट बेहद महत्वपूर्ण होता है। उन्होंने बताया कि मार्च में औसत रिस्पॉन्स टाइम 9.29 मिनट रहा, जिसे आगे और बेहतर कर नौ मिनट के आसपास बनाए रखने का लक्ष्य है।राज्य में फिलहाल 550 एंबुलेंस संचालित हैं, जिनमें से 210 अपनी निर्धारित आयु पूरी कर चुकी हैं। ऐसे में नई एंबुलेंस की तैनाती बेहद जरूरी हो गई है। गुरुग्राम, फरीदाबाद, पंचकूला, यमुनानगर, हिसार, करनाल और सिरसा सहित सात जिलों में एंबुलेंस की संख्या बढ़ाने का प्रस्ताव है।इस पहल से उम्मीद की जा रही है कि हरियाणा में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं और अधिक प्रभावी होंगी तथा हादसों में जान बचाने की दर में सुधार आएगा।