Summer express , चंडीगढ़। पंचकूला के औद्योगिक भूखंड आवंटन मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा और अन्य आरोपियों के खिलाफ विशेष अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी है। एजेंसी ने इस मामले में आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत गंभीर आरोप लगाए हैं।
सीबीआई के अनुसार, यह मामला 19 मई 2016 को दर्ज किया गया था। जांच में सामने आया कि हुड्डा अपने कार्यकाल के दौरान हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (HSVपी) के चेयरमैन भी थे। इस दौरान पंचकूला में 14 औद्योगिक प्लॉटों के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए थे।
आरोप है कि तय समय सीमा के बाद नियमों में बदलाव कर चयन प्रक्रिया को प्रभावित किया गया। पात्रता मानकों में ढील देते हुए अनुभव और योग्यता के अंक कम किए गए, जबकि साक्षात्कार (वाइवा-वॉइस) के अंक बढ़ा दिए गए। साथ ही वित्तीय क्षमता के अंक घटाकर चयन प्रक्रिया को कथित तौर पर पक्षपातपूर्ण बनाया गया।
जांच में यह भी सामने आया कि 582 आवेदनों में से चयनित 14 लाभार्थियों को करीब 30.34 करोड़ रुपये मूल्य के प्लॉट मात्र 7.85 करोड़ रुपये में आवंटित किए गए, जिससे सरकारी खजाने को भारी नुकसान हुआ।
सीबीआई ने चार्जशीट के साथ हरियाणा सरकार की अभियोजन स्वीकृति भी अदालत में प्रस्तुत की है। इस मामले में पूर्व आईएएस अधिकारी धर्मपाल सिंह नांगल, पूर्व वित्तीय नियंत्रक सुभाष चंद्र कांसल, डिप्टी सुपरिटेंडेंट बीबी तनेजा सहित कई निजी व्यक्तियों और कंपनियों को आरोपी बनाया गया है।
अदालत ने दस्तावेजों की जांच के लिए संबंधित अधिकारी को निर्देश दिए हैं और अगली सुनवाई 4 जून को तय की गई है। वहीं, एक अहम गवाह का बयान सीलबंद लिफाफे में अदालत में जमा कराया गया है, जिसे सुरक्षित रखने के आदेश दिए गए हैं।
सीबीआई ने यह भी बताया कि कुछ आरोपियों के खिलाफ अभियोजन स्वीकृति की प्रक्रिया अभी लंबित है। मामले की सुनवाई के दौरान आगे और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।