Summer express, बहादुरगढ़। जिले में सड़क अवसंरचना को बेहतर बनाने की दिशा में लोक निर्माण विभाग (PWD) ने 32 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से 16 सड़कों के सुधार और नवीनीकरण का प्रस्ताव तैयार किया है। प्रस्ताव को मंजूरी के लिए भेज दिया गया है। स्वीकृति मिलने के बाद बहादुरगढ़, बादली, बेरी और झज्जर क्षेत्र की प्रमुख सड़कों पर मरम्मत और सुदृढ़ीकरण का कार्य शुरू किया जाएगा।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार प्रस्तावित परियोजनाओं में बहादुरगढ़-नजफगढ़ मार्ग और रोहद-बादली मार्ग जैसे व्यस्त और महत्वपूर्ण सड़क मार्ग भी शामिल हैं। इन दोनों सड़कों के सुधार पर ही आठ करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए जाने का अनुमान है। लंबे समय से इन मार्गों की हालत खराब होने के कारण स्थानीय लोगों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
जानकारी के मुताबिक जिन 16 सड़कों को इस योजना में शामिल किया गया है, उनमें से 10 मार्ग बहादुरगढ़ क्षेत्र, तीन बादली क्षेत्र, दो बेरी क्षेत्र और एक झज्जर क्षेत्र का है। कुल मिलाकर इन सड़कों की लंबाई करीब 119 किलोमीटर है, जबकि लगभग 18 किलोमीटर हिस्से में व्यापक सुधार कार्य प्रस्तावित किया गया है।
प्रस्ताव में बहादुरगढ़-झज्जर रोड से खेड़ी आसरा, कसार पहुंच मार्ग, कसार से नूना माजरा, परनाला-निजामपुर रोड, बामनौली-निजामपुर मार्ग, सौलधा-मुंढेला रोड, खरखौदा-आसौदा रोड, बहादुरगढ़-बादली-चंदू रोड, गुभाना-बाकरगढ़ मार्ग, सांपला-गढ़ी सांपला-मातन-दुल्हेड़ा रोड तथा खेड़ी जाट मार्ग समेत कई महत्वपूर्ण सड़कों को शामिल किया गया है।
हालांकि जिले में पहले से चल रहे कुछ सड़क निर्माण और मरम्मत कार्य अभी अधूरे पड़े हैं। विभाग का कहना है कि तारकोल (बिटुमेन) की कमी के कारण कई परियोजनाओं की गति प्रभावित हुई है। इसके बावजूद नई परियोजनाओं के प्रस्ताव तैयार कर सरकार को भेज दिए गए हैं ताकि मंजूरी मिलने के बाद विकास कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाया जा सके।
लोक निर्माण विभाग के एसडीओ राजेश तोमर ने बताया कि 16 सड़कों के सुधार के लिए प्रस्ताव तैयार कर संबंधित अधिकारियों को भेज दिया गया है। स्वीकृति मिलने के बाद कार्य प्रक्रिया शुरू की जाएगी। उन्होंने कहा कि पूर्व में चल रहे कुछ कार्यों में देरी का मुख्य कारण तारकोल की कमी रही है, जिसे दूर करने के प्रयास किए जा रहे हैं।