Summer express/मंडी, धर्मवीर -:हाल ही में जिला ऊना में संपन्न हुए अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के राज्य स्तरीय अधिवेशन के बाद महंगी होती शिक्षा और छात्र संगठन चुनाव बहाली के लिए सुक्खू सरकार को घेरना शुरू कर दिया। आज इकाई स्तर प्रधानाचार्य के माध्यम प्रदेश सरकार को ज्ञापन सौंपने के साथ ही एबीवीपी ने आगामी रूपरेखा भी तैयार कर दी है। आगामी 17 अगस्त तक छात्रों का यह आंदोलन जारी रहेगा। यह जानकारी अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद जिला संयोजक करण ठाकुर ने मंडी में आयोजित प्रेस वार्ता के माध्यम से दी।
करण ने कहा कि इस दौरान एबीवीपी द्वारा हस्ताक्षर अभियान से लेकर भूख हडताल व धरना पदर्शन के माध्यम से सरकार पर दबाव बनाया जाएगा, ताकि उनकी दोंनों मांगो पर गौर किया जा सके। आंदोलन की रूपरेखा के बारे में जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि आगामी 3 अगस्त को उपायुक्त एवं उपमंडलाधिकारी केमाध्यम से ज्ञापन, 5 अगस्त को इकाई स्तर पर धरना-प्रदर्शन, 6 अगस्त को इकाई स्तर पर हस्ताक्षर अभियान, 11 अगस्त को इकाई स्तर पर रैली एवं विरोध-प्रदर्शन, 3-14 अगस्त को इकाई स्तर पर सांकेतिक भूख हड़ताल और 17 अगस्त को जिला मुख्यालय में विशाल धरना प्रदर्शन किया जाएगा।
संयोजक ने आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार शिक्षा को अधिकार नहीं, बल्कि कमाई का साधन बना चुकी है। सरकार ने शिक्षण संस्थानों को शिक्षा के केंद्र के बजाय शोषण और आर्थिक लूट का माध्यम बना दिया है, जहां विद्यार्थियों से लगातार बढ़ी हुई फीस के माध्यम से आर्थिक वसूली की जा रही है। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में विभिन्न पाठ्यक्रमों एवं परीक्षा संबंधी शुल्कों में 25 से 30 प्रतिशत व डॉ. यशवंत सिंह परमार बागवानी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी में 50 से 60 प्रतिशत तक की गई फीस वृद्धि प्रदेश सरकार की छात्र एवं शिक्षा विरोधी मानसिकता को उजागर करती है। महंगाई और बेरोजगारी के इस दौर में विद्यार्थियों पर इतना बड़ा आर्थिक बोझ डालना पूर्णतः अन्यायपूर्ण व अस्वीकार्य है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि प्रदेश सरकार ने शीघ्र ही अपने छात्र विरोधी निर्णय वापस नहीं लिए और छात्र संघ चुनाव बहाल नहीं किए, तो अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद छात्र हितों की रक्षा के लिए सड़क से सदन तक संघर्ष करेगी।