Summer express, मुंबई। सप्ताह के अंतिम कारोबारी दिन शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार ने दमदार शुरुआत की। वैश्विक बाजारों में तेजी, कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और विदेशी निवेश को लेकर सकारात्मक संकेतों के चलते घरेलू निवेशकों का उत्साह बढ़ा, जिससे सेंसेक्स और निफ्टी दोनों मजबूती के साथ खुले।
बीएसई सेंसेक्स 910.10 अंक यानी 1.23 प्रतिशत की बढ़त के साथ 74,742.65 अंक पर खुला, जबकि एनएसई निफ्टी 50 ने 271.10 अंकों की छलांग लगाते हुए 23,432.70 का स्तर छू लिया। शुरुआती कारोबार में बैंकिंग, वित्तीय और आईटी शेयरों में मजबूत खरीदारी देखने को मिली।
बाजार विशेषज्ञ अजय बग्गा के अनुसार, हाल ही में केंद्र सरकार द्वारा किए गए कर संबंधी बदलाव विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) के लिए भारतीय डेट मार्केट को अधिक आकर्षक बना रहे हैं। सरकारी प्रतिभूतियों (G-Secs) में विदेशी निवेश पर लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स और ब्याज आय पर लगने वाले कर को हटाए जाने से विदेशी निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ी है।
उन्होंने कहा कि भारत के 10 वर्षीय सरकारी बॉन्ड अब वैश्विक निवेशकों के लिए सबसे आकर्षक निवेश विकल्पों में शामिल हो गए हैं। विशेषज्ञों का अनुमान है कि इन नीतिगत बदलावों के चलते अगले दो वर्षों में भारतीय डेट मार्केट में करीब 50 अरब डॉलर तक का विदेशी निवेश आ सकता है। इससे रुपये को मजबूती मिलने के साथ-साथ सरकार की उधारी लागत भी कम हो सकती है।
एशियाई बाजारों से मिला समर्थन
घरेलू बाजार की तेजी को एशियाई बाजारों से भी बल मिला। GIFT NIFTY बढ़त के साथ कारोबार करता दिखा, जबकि जापान का निक्केई इंडेक्स तीन प्रतिशत से अधिक उछला। हांगकांग का हैंग सेंग और ताइवान वेटेड इंडेक्स भी मजबूत बढ़त के साथ कारोबार करते नजर आए।
वॉल स्ट्रीट की तेजी का असर
अमेरिकी बाजारों में भी पिछले कारोबारी सत्र के दौरान शानदार तेजी दर्ज की गई। तकनीकी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सेक्टर से जुड़ी कंपनियों में खरीदारी के चलते नैस्डैक में करीब 2.5 प्रतिशत की बढ़त रही। इसका सकारात्मक असर एशियाई और भारतीय बाजारों पर भी देखने को मिला।
ईरान-अमेरिका संकेतों से घटा वैश्विक तनाव
विश्लेषकों के अनुसार अमेरिका और ईरान के बीच संभावित कूटनीतिक समाधान की खबरों ने वैश्विक निवेशकों की चिंताओं को कम किया है। इससे ऊर्जा आपूर्ति में बाधा की आशंकाएं घटी हैं और जोखिम वाले निवेश विकल्पों के प्रति निवेशकों का भरोसा बढ़ा है।
कच्चे तेल और सोने में नरमी
अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। तेल की कीमतों में नरमी भारत जैसे आयातक देशों के लिए राहत की खबर मानी जा रही है, क्योंकि इससे महंगाई का दबाव कम हो सकता है। वहीं सोने की कीमतों में भी हल्की गिरावट देखी गई।
निवेशकों की नजर प्रमुख स्तरों पर
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले कारोबारी सत्रों में निवेशकों की नजर प्रमुख तकनीकी स्तरों पर रहेगी। विश्लेषकों के मुताबिक निफ्टी के लिए 23,300 और सेंसेक्स के लिए 74,200 का स्तर अहम माना जा रहा है। इन स्तरों के ऊपर टिके रहने पर बाजार में आगे भी तेजी का रुख जारी रह सकता है।
हालांकि विशेषज्ञों ने यह भी चेतावनी दी है कि महंगाई, वैश्विक ब्याज दरों और केंद्रीय बैंकों की नीतियों को लेकर अनिश्चितता अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है, इसलिए निवेशकों को सतर्कता बरतने की जरूरत है।