Summer express, फरीदाबाद | फरीदाबाद नगर निगम में पेयजल आपूर्ति को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। आरोप है कि निगम के बोरवेल से निकाला जाने वाला पानी, जिसे लोगों को मुफ्त उपलब्ध कराया जाना था, उसे टैंकरों के जरिए बेचकर लोगों से मोटी रकम वसूली जा रही है। मामला सामने आने के बाद फरीदाबाद की मेयर प्रवीण बत्रा जोशी ने पूरे प्रकरण की जांच के आदेश दिए हैं।
बताया जा रहा है कि बड़खल विधानसभा क्षेत्र के वार्ड नंबर 16, 18, 19, 21, 22 और 23 में इस तरह की अनियमितताओं की शिकायतें लगातार मिल रही थीं। शिकायतों में आरोप लगाया गया कि नगर निगम के बोरवेल का पानी निजी टैंकरों के माध्यम से लोगों को बेचा जा रहा है, जबकि यह सुविधा जल संकट से जूझ रहे क्षेत्रों में निशुल्क उपलब्ध कराई जानी थी।
मेयर ने निगम आयुक्त को तीन दिन के भीतर जांच पूरी कर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं। साथ ही यह जानकारी भी मांगी गई है कि प्रतिदिन कितने टैंकर किन-किन वार्डों में भेजे जा रहे हैं और उनकी एंट्री रिकॉर्ड में किस प्रकार दर्ज की जा रही है।
जानकारी के अनुसार गर्मियों के मौसम में पेयजल संकट को देखते हुए नगर निगम ने वैकल्पिक जल आपूर्ति व्यवस्था लागू की थी। जिन कॉलोनियों में रेनीवेल परियोजना का पानी नहीं पहुंचता या जहां पेयजल लाइनें बाधित हो जाती हैं, वहां टैंकरों के जरिए पानी पहुंचाने की व्यवस्था की गई थी। इसके लिए स्थानीय पार्षदों और जेई के माध्यम से जरूरतमंद लोगों तक टैंकर भेजे जाते थे।
हालांकि अब आरोप लग रहे हैं कि इस व्यवस्था का फायदा उठाकर टैंकर माफिया सक्रिय हो गया और लोगों से पानी के बदले पैसे वसूले जाने लगे। शिकायतों में नगर निगम के कुछ जेई और एसडीओ की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए हैं। जांच के दौरान अधिकारियों और टैंकर संचालकों के बीच संभावित मिलीभगत की भी पड़ताल की जाएगी।
मेयर प्रवीण बत्रा जोशी ने स्पष्ट कहा कि मामले में जो भी अधिकारी या कर्मचारी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पूरे मामले को लेकर नगर निगम प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है।