Summer express, मोनिका रावत, चंडीगढ़, 21 जून। प्रॉपर्टी कंसल्टेंट्स एसोसिएशन, चंडीगढ़ ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से पत्र लिखकर अपील की है कि शहर के मध्यम वर्गीय परिवारों के हितों को ध्यान में रखते हुए शेयर-वाइज प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन पर लगी रोक को तत्काल प्रभाव से हटाया जाए।
एसोसिएशन का कहना है कि चंडीगढ़ की अधिकांश आबादी छोटे मकानों, हाउसिंग बोर्ड आवासों और शेयर आधारित संपत्तियों में रहती है। पिछले लगभग तीन वर्षों से शेयर-वाइज रजिस्ट्रियों पर रोक के कारण हजारों परिवार अपने घर खरीदने और बेचने के अधिकार से वंचित हैं। वहीं, लंबे समय से चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड की ओर से मध्यम वर्ग के लिए कोई नई आवास योजना भी नहीं लाई गई है, जिससे आम लोगों का अपने घर का सपना अधूरा रह गया है।
एसोसिएशन के अनुसार आगामी सप्ताह में होने वाली उच्चस्तरीय बैठक में गृह मंत्री अमित शाह स्वयं चंडीगढ़ से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों की समीक्षा करने वाले हैं। ऐसे में शहरवासियों को उम्मीद है कि शेयर-वाइज रजिस्ट्री का मुद्दा प्राथमिकता से उठाया जाएगा। इससे न केवल हजारों लंबित संपत्ति सौदों को राहत मिलेगी बल्कि सरकार के राजस्व में भी बढ़ोतरी होगी।
एसोसिएशन के अध्यक्ष विक्रम चोपड़ा व सचिव जतिंदर सिंह ने कहा कि शेयर-वाइज रजिस्ट्री बंद होने से मध्यम वर्ग सबसे अधिक प्रभावित हुआ है। शहर में संपत्तियों के दाम लगातार बढ़ रहे हैं और आम परिवारों के लिए मकान खरीदना कठिन होता जा रहा है। उन्होंने मांग की कि तत्काल प्रभाव से शेयर-वाइज रजिस्ट्रेशन शुरू किया जाए, क्योंकि प्रशासन भी इस दिशा में कानूनी संभावनाओं पर विचार कर रहा है।
उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ को केवल संपन्न लोगों का शहर नहीं बनाया जा सकता। यदि आम नागरिकों को सुलभ आवास उपलब्ध कराना है तो शेयर-वाइज रजिस्ट्री बहाल करना समय की सबसे बड़ी जरूरत है।