Summer express, चंडीगढ़। हरियाणा में कृषि कार्यों के दौरान बिजली आपूर्ति को अधिक व्यवस्थित, संतुलित और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम (UHBVN) और दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (DHBVN) ने कृषि फीडरों के लिए नया पावर रेगुलेटरी मैनेजमेंट (PRM) शेड्यूल जारी किया है। यह नया शेड्यूल 21 जून 2026 की मध्यरात्रि से पूरे प्रदेश में प्रभावी हो जाएगा।
बिजली निगमों के अनुसार किसानों को प्रतिदिन निर्धारित समय के अनुसार 8 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। इसके लिए क्षेत्रों को उनकी विद्युत भार क्षमता और प्रतिबंधों के आधार पर अलग-अलग समूहों में विभाजित किया गया है, ताकि बिजली वितरण व्यवस्था को बेहतर तरीके से संचालित किया जा सके।
बिना पाबंदी वाले क्षेत्रों में दिन के समय मिलेगी सप्लाई
निगमों द्वारा जारी शेड्यूल के मुताबिक जिन क्षेत्रों में बिजली भार संबंधी कोई विशेष प्रतिबंध नहीं हैं, वहां एकल समूह प्रणाली लागू की गई है। इन इलाकों में किसानों को सुबह 7 बजे से दोपहर 3 बजे तक लगातार बिजली उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे सिंचाई और अन्य कृषि कार्यों में सुविधा मिलेगी।
प्रतिबंधित क्षेत्रों में अलग-अलग समूहों के अनुसार सप्लाई
जिन क्षेत्रों में बिजली लोड को लेकर आंशिक प्रतिबंध हैं, वहां दो समूह बनाए गए हैं और दोनों समूहों को अलग-अलग समय पर बिजली आपूर्ति दी जाएगी। वहीं अधिक भार वाले क्षेत्रों में तीन समूह निर्धारित किए गए हैं, जहां 24 घंटे को तीन हिस्सों में विभाजित कर क्रमवार बिजली सप्लाई की जाएगी।
बिजली निगमों का कहना है कि इस व्यवस्था का उद्देश्य सभी किसानों को समान रूप से बिजली उपलब्ध कराना और ओवरलोडिंग की समस्या को नियंत्रित करना है।
लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई
यूएचबीवीएन और डीएचबीवीएन ने सभी संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि नए शेड्यूल का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए। जीरो कट व्यवस्था और लोड प्रबंधन में किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों, उपकेंद्र कर्मचारियों और तकनीकी स्टाफ के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
किसानों तक समय पर पहुंचेगी जानकारी
बिजली निगमों ने सभी अधीक्षण अभियंताओं, कार्यकारी अभियंताओं, उपमंडल अधिकारियों और कनिष्ठ अभियंताओं को निर्देश दिए हैं कि नए पीआरएम शेड्यूल की जानकारी समय रहते सभी उपकेंद्रों, शिकायत केंद्रों और आम जनता तक पहुंचाई जाए। इसके अलावा किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए स्थानीय स्तर पर जागरूकता अभियान चलाने के भी निर्देश दिए गए हैं।
कृषि कार्यों को मिलेगा लाभ
विशेषज्ञों का मानना है कि नए शेड्यूल से बिजली वितरण व्यवस्था अधिक संतुलित होगी और किसानों को तय समय पर पर्याप्त बिजली मिल सकेगी। इससे सिंचाई व्यवस्था में सुधार होने के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में अनियमित बिजली कटौती की समस्या पर भी काफी हद तक नियंत्रण पाया जा सकेगा।