Summer express, चंडीगढ़ | आईडीएफसी फर्स्ट बैंक घोटाले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने हरियाणा के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी पंकज अग्रवाल को गिरफ्तार कर बड़ा कदम उठाया है। सरकारी धन के कथित गबन और वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े इस मामले में सीबीआई ने देर रात कार्रवाई करते हुए उन्हें हिरासत में लिया। आरोप है कि उनके कार्यकाल के दौरान सरकारी खातों के जरिए करोड़ों रुपये के संदिग्ध लेनदेन किए गए, जिससे सरकार को भारी आर्थिक नुकसान हुआ।
जानकारी के अनुसार पंकज अग्रवाल पहले हरियाणा के स्कूल शिक्षा विभाग और कृषि विभाग में प्रधान सचिव के पद पर तैनात रहे हैं। अप्रैल 2026 में उन्हें हरियाणा के वास्तुकला विभाग का प्रधान सचिव नियुक्त किया गया था। सीबीआई अब उन्हें अदालत में पेश कर रिमांड की मांग कर सकती है।
जांच एजेंसी के मुताबिक हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद और हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड के बैंक खाते वित्त विभाग की तय गाइडलाइन के विपरीत खोले गए थे। आरोप है कि इन खातों में निर्धारित सीमा से कहीं अधिक सरकारी धन ट्रांसफर किया गया और बाद में संदिग्ध लेनदेन के जरिए रकम का दुरुपयोग किया गया।
सीबीआई का दावा है कि यह पूरा फर्जीवाड़ा पंकज अग्रवाल के कार्यकाल के दौरान हुआ और जांच में उनके खिलाफ अहम दस्तावेजी व तकनीकी साक्ष्य मिले हैं। एजेंसी के अनुसार इस गड़बड़ी से सरकार को करीब 60.54 करोड़ रुपये का सीधा नुकसान हुआ है।
सूत्रों के मुताबिक सीबीआई ने रात पंकज अग्रवाल से कई घंटों तक पूछताछ की, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया। एजेंसी अब इस घोटाले में शामिल अन्य अधिकारियों, बैंक कर्मियों और संदिग्ध वित्तीय नेटवर्क की भी जांच कर रही है।
जांच में यह भी सामने आया है कि हरियाणा सरकार और चंडीगढ़ प्रशासन के विभिन्न विभागों के खातों से बड़े स्तर पर अनियमित निकासी की गई। आरोप है कि आईडीएफसी फर्स्ट बैंक और एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक के कुछ अधिकारियों ने सरकारी कर्मचारियों के साथ मिलकर करोड़ों रुपये का फर्जी लेनदेन किया।
सीबीआई ने अपनी प्रारंभिक जांच में इस पूरे घोटाले से करीब 657 करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान जताया है, जबकि प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने लगभग 645 करोड़ रुपये की वित्तीय अनियमितताओं की बात कही है। मामले में पहले भी एक आईएएस और एक आईएफएस अधिकारी की गिरफ्तारी हो चुकी है।
फिलहाल जांच एजेंसियां बैंक रिकॉर्ड, वित्तीय लेनदेन और अधिकारियों की भूमिका की गहन पड़ताल में जुटी हैं। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस मामले में कई और बड़े खुलासे और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।