Summer express/शिमला, संजू -: हिमाचल प्रदेश में एचआरटीसी कर्मचारियों के चल रहे आंदोलन को लेकर भारतीय ट्रेड यूनियनों के केंद्र (सीटू) ने खुलकर समर्थन का ऐलान किया है। संगठन ने कहा है कि कर्मचारियों की लंबित मांगों और वित्तीय समस्याओं के समाधान के लिए चलाए जा रहे आंदोलन को हर स्तर पर सहयोग दिया जाएगा। सीटू ने प्रदेश सरकार से कर्मचारियों की मांगों पर गंभीरता से विचार करने की अपील करते हुए चेतावनी दी कि यदि आंदोलन को दबाने या कर्मचारियों पर कार्रवाई करने का प्रयास किया गया तो मजदूर संगठन प्रदेशव्यापी विरोध प्रदर्शन शुरू करेंगे।
सीटू के प्रदेशाध्यक्ष विजेंद्र मेहरा ने कहा कि एचआरटीसी कर्मचारी लंबे समय से अपने अधिकारों और बकाया वित्तीय लाभों की मांग कर रहे हैं, लेकिन उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कर्मचारियों की मांगों को पूरा करने के बजाय सरकार आंदोलन को कमजोर करने और दबाने की दिशा में कदम उठा रही है, जिससे कर्मचारियों में असंतोष बढ़ रहा है।उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को ओवरटाइम, रात्रि भत्ता, महंगाई भत्ता, विभिन्न देयकों के एरियर तथा चिकित्सा प्रतिपूर्ति जैसी कई वित्तीय सुविधाओं का भुगतान समय पर नहीं मिल रहा है। इसके अलावा पेंशनरों से जुड़े कई मामले भी लंबित हैं, जिनमें ग्रेच्युटी, लीव एनकैशमेंट, संशोधित पेंशन और चिकित्सा बिलों का भुगतान शामिल है।
सीटू का कहना है कि इन मुद्दों के समाधान के लिए कई बार मांग उठाई गई, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई है।संगठन ने यह भी आरोप लगाया कि कर्मचारी नेताओं के तबादले किए जा रहे हैं और आंदोलन की धार को कमजोर करने के लिए वैकल्पिक भर्ती प्रक्रिया अपनाई जा रही है। सीटू का मानना है कि इससे कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान नहीं होगा, बल्कि विवाद और बढ़ सकता है।प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में कर्मचारियों को अपनी मांगों के समर्थन में आवाज उठाने और शांतिपूर्ण आंदोलन करने का अधिकार है। ऐसे में किसी भी प्रकार की सख्ती या दमनात्मक कदम उचित नहीं होंगे। सीटू ने सरकार से संवाद के माध्यम से समाधान निकालने की अपील करते हुए कहा कि यदि कर्मचारियों की आवाज को अनसुना किया गया तो प्रदेशभर के मजदूर संगठन एकजुट होकर आंदोलन को और व्यापक रूप देंगे।