Summer express, सोनीपत | शहर के बस स्टैंड के समीप स्थित इंडसइंड बैंक के एटीएम को निशाना बनाते हुए अज्ञात बदमाशों ने बड़ी चोरी की वारदात को अंजाम दिया। चोर गैस कटर की मदद से एटीएम मशीन को काटकर उसमें रखी करीब 20.17 लाख रुपये की नकदी लेकर फरार हो गए। घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, बस स्टैंड गेट के पास स्थित इस एटीएम का संचालन और रखरखाव हिटाची पेमेंट सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड द्वारा किया जाता है। जब सफाई कर्मचारी एटीएम बूथ पर पहुंचा तो उसने मशीन को क्षतिग्रस्त अवस्था में पाया। इसके बाद कंपनी के ब्रांच मैनेजर नितिन गुलेरिया और पुलिस को घटना की सूचना दी गई।
सूचना मिलते ही सिविल लाइन थाना पुलिस और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। एसीपी सिटी-1 ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने फिंगरप्रिंट विशेषज्ञों की मदद से मौके से साक्ष्य जुटाए और प्रारंभिक जांच में पाया कि बदमाशों ने गैस कटर से एटीएम मशीन को काटकर नकदी चोरी की है। जांच के दौरान एटीएम से 20.17 लाख रुपये गायब पाए गए।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि वारदात को अंजाम देने से पहले एक संदिग्ध ने सीसीटीवी कैमरे पर स्प्रे कर दिया था, जिससे घटना की रिकॉर्डिंग प्रभावित हो गई और चोरी की पूरी तस्वीर कैमरे में कैद नहीं हो सकी। आशंका जताई जा रही है कि बदमाशों ने पहले से इलाके की रेकी कर सुनियोजित तरीके से वारदात को अंजाम दिया।
घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस गश्त को लेकर भी सवाल खड़े हो गए हैं। बताया जा रहा है कि जिस एटीएम को निशाना बनाया गया, वहां रात के समय कोई सुरक्षा गार्ड तैनात नहीं था। स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि सुरक्षा गार्ड मौजूद होता तो चोरी की इस घटना को रोका जा सकता था।
गौरतलब है कि इसी एटीएम बूथ को पहले भी दो बार निशाना बनाया जा चुका है। वर्ष 2019 में भी चोरों ने दो अलग-अलग मौकों पर एटीएम से नकदी चोरी करने का प्रयास किया था, हालांकि उस समय वे सफल नहीं हो सके थे। उन मामलों का भी अब तक पूरी तरह खुलासा नहीं हो पाया है।
सिविल लाइन थाना प्रभारी रविंद्र कुमार ने बताया कि प्रारंभिक जांच के अनुसार बदमाशों ने देर रात करीब ढाई बजे गैस कटर से एटीएम मशीन को काटा। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है और एटीएम संचालन एजेंसी से भी रिकॉर्डिंग मांगी गई है। उन्होंने कहा कि मामले की गहन जांच जारी है और जल्द ही आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा।