Summer express, काठमांडू | नेपाल में गुरुवार सुबह भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए, जिससे कुछ समय के लिए लोगों में चिंता का माहौल बन गया। भारत के नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) के अनुसार, भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 3.8 दर्ज की गई। भूकंप सुबह 5:21 बजे आया और इसका केंद्र नेपाल में लगभग 25 किलोमीटर की गहराई पर स्थित था।
भूकंप विशेषज्ञों के अनुसार, अपेक्षाकृत कम गहराई पर आने वाले भूकंपों का प्रभाव सतह पर अधिक महसूस किया जाता है। यही कारण है कि मध्यम तीव्रता के बावजूद ऐसे झटके लोगों को स्पष्ट रूप से महसूस हो सकते हैं।
वैज्ञानिक भूकंपों को उनकी गहराई के आधार पर तीन श्रेणियों में बांटते हैं। 0 से 70 किलोमीटर तक की गहराई वाले भूकंप उथले, 70 से 300 किलोमीटर तक के मध्यम और 300 से 700 किलोमीटर तक के भूकंप गहरे माने जाते हैं। उथले भूकंपों को अपेक्षाकृत अधिक प्रभावशाली माना जाता है क्योंकि इनका असर सीधे जमीन की सतह पर पड़ता है।
इस बीच जापान में भी भूकंप के तेज झटके दर्ज किए गए हैं। रिपोर्टों के अनुसार, इवाते क्षेत्र के निकट आए भूकंप के कारण कई इलाकों में तीव्र कंपन महसूस किया गया। भूकंप की तीव्रता जापानी पैमाने पर 6-अपर (6 Upper) तक दर्ज की गई। जापानी प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और सुरक्षा दिशानिर्देशों का पालन करने की अपील की है। हालांकि अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि इस भूकंप के बाद सुनामी का कोई खतरा नहीं है। राहत एवं निगरानी एजेंसियां स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
वहीं, अमेरिका के भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) ने वेनेजुएला के निकट भी दो शक्तिशाली भूकंप दर्ज किए हैं। इनमें से एक भूकंप की तीव्रता 7.2 बताई गई है, जिसका केंद्र सैन फेलिप क्षेत्र के आसपास स्थित था। शुरुआती रिपोर्टों के मुताबिक, कई इमारतों को नुकसान पहुंचा है और प्रभावित क्षेत्रों में हालात का आकलन किया जा रहा है। अधिकारियों ने आशंका जताई है कि इस आपदा में जनहानि का आंकड़ा बढ़ सकता है, हालांकि नुकसान का विस्तृत विवरण अभी सामने आना बाकी है।
दुनिया के विभिन्न हिस्सों में एक ही दिन में दर्ज हुई इन भूकंपीय घटनाओं ने एक बार फिर प्राकृतिक आपदाओं के प्रति सतर्कता और आपदा प्रबंधन तैयारियों की आवश्यकता को रेखांकित किया है।