Summer express/कांगड़ा,राहुल-: हिमाचल पथ परिवहन निगम (HRTC) के उपाध्यक्ष अजय वर्मा ने कहा है कि निगम ने प्रदेश में किसी भी बस रूट को बंद नहीं किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन रूटों पर यात्रियों की संख्या कम होती है, वहां परिचालन को अधिक प्रभावी बनाने के लिए बसों का संचालन क्लबिंग के माध्यम से किया जाता है, लेकिन किसी भी क्षेत्र की बस सेवा समाप्त नहीं की गई है।
कांगड़ा एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बातचीत के दौरान अजय वर्मा ने बताया कि पर्यटन सीजन के कारण धर्मशाला-चंडीगढ़, धर्मशाला-दिल्ली और बीड़-दिल्ली समेत लंबी दूरी के अधिकांश रूटों पर बसों की ऑक्यूपेंसी लगभग शत-प्रतिशत है। यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए निगम नियमित सेवाओं के साथ अतिरिक्त बसें भी चला रहा है। उन्होंने कहा कि यदि किसी स्थान पर अचानक यात्रियों की संख्या बढ़ जाती है तो विशेष बसों की व्यवस्था कर उन्हें उनके गंतव्य तक पहुंचाया जाता है।इलेक्ट्रिक बसों को लेकर सोशल मीडिया पर चल रही चर्चाओं को अफवाह बताते हुए उन्होंने कहा कि निगम को 150 नई इलेक्ट्रिक बसें मिल चुकी हैं, जो फिलहाल सोलन में खड़ी हैं। अगले चार से पांच दिनों के भीतर इन बसों को विभिन्न डिवीजनों में भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। उन्होंने बताया कि पहले चरण में कांगड़ा डिवीजन को 15 नई इलेक्ट्रिक बसें मिलेंगी, जबकि दूसरे चरण में 15 से 20 अतिरिक्त इलेक्ट्रिक बसें उपलब्ध कराए जाने की संभावना है। इससे प्रदेश में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था और अधिक आधुनिक एवं पर्यावरण अनुकूल बनेगी।
HRTC कर्मचारियों की मांगों और प्रस्तावित हड़ताल पर बोलते हुए अजय वर्मा ने कहा कि सरकार कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के लिए गंभीरता से कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि कई वर्षों से लंबित ओवरटाइम और नाइट अलाउंस का भुगतान चरणबद्ध तरीके से किया जा रहा है। इसके अलावा मार्च 2026 तक कर्मचारियों और सेवानिवृत्त कर्मियों के मेडिकल भत्तों के रूप में लगभग 20 करोड़ रुपये जारी किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि प्रतिदिन करीब पांच लाख लोग HRTC की सेवाओं का लाभ उठाते हैं, इसलिए सरकार का प्रयास है कि आम जनता को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने कर्मचारियों द्वारा हड़ताल वापस लेने के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि सरकार और निगम दोनों का लक्ष्य प्रदेशवासियों को बेहतर एवं निर्बाध परिवहन सेवाएं उपलब्ध कराना है।