Summer express/शिमला, 28 जून। राष्ट्रीय पल्स पोलियो प्रतिरक्षण अभियान के तहत जिला शिमला में रविवार को पहले चरण का सफल आयोजन किया गया। जिले के 704 पल्स पोलियो बूथों पर 0 से 5 वर्ष आयु वर्ग के 50,454 बच्चों को ओरल पोलियो वैक्सीन (ओपीवी) की दो बूंदें पिलाई गईं।अभियान के दौरान स्वास्थ्य विभाग के साथ विभिन्न सरकारी विभागों, स्वयंसेवी संस्थाओं और आम नागरिकों ने सक्रिय सहयोग दिया। शोघी पुलिस बैरियर पर लगाए गए विशेष पोलियो बूथ पर बसों और अन्य वाहनों को रोककर पर्यटकों के बच्चों को भी पोलियो की खुराक पिलाई गई। इस अवसर पर स्थानीय कलाकारों ने लोकगीतों पर सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर अभियान को जन-जागरूकता से भी जोड़ा, जिसका पर्यटकों ने भरपूर आनंद लिया।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी, जिला शिमला डॉ. यशपाल रांटा ने अभियान की सफलता पर चिकित्सा अधिकारियों, स्वास्थ्य कर्मचारियों, आशा एवं आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, स्वयंसेवकों, पुलिस विभाग, पंचायती राज संस्थाओं और अन्य सहयोगी विभागों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सभी के समन्वित प्रयास और अभिभावकों की जागरूकता के कारण पहले दिन उत्साहजनक परिणाम मिले हैं। उनका कहना था कि जिले के प्रत्येक पात्र बच्चे तक पोलियो की खुराक पहुंचाना स्वास्थ्य विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है।स्वास्थ्य खंडवार आंकड़ों के अनुसार मशोबरा में सबसे अधिक 8,166, नेरवा में 7,771, शिमला शहरी में 6,886, कोटखाई में 5,426, मतियाना में 5,166, रामपुर में 5,014, टिक्कर में 3,773, चिड़गांव में 3,130, कुमारसैन में 2,065, सुन्नी में 1,928 और ननखड़ी में 1,129 बच्चों को पोलियो की खुराक दी गई।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि अभियान 29 और 30 जून को भी जारी रहेगा। इन दो दिनों के दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर उन बच्चों को पोलियो की दवा पिलाएंगी, जो पहले दिन किसी कारणवश बूथों तक नहीं पहुंच सके। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे घर पहुंचने वाली स्वास्थ्य टीमों का सहयोग करें और पांच वर्ष से कम आयु के प्रत्येक बच्चे को पोलियो की दो बूंदें अवश्य पिलवाएं, ताकि कोई भी बच्चा इस जीवनरक्षक खुराक से वंचित न रहे।