मोहाली। पंजाब के 35 वर्ष पुराने अपहरण मामले में सीबीआई की विशेष अदालत, मोहाली ने शनिवार को पंजाब पुलिस के पूर्व हेड कांस्टेबल कश्मीर सिंह को पांच वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई।
अदालत ने दोषी पर 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। कश्मीर सिंह वर्ष 2010 में ट्रायल के दौरान फरार हो गया था और करीब 15 वर्ष बाद सीबीआई ने उसे 12 नवंबर 2025 को गिरफ्तार किया था। मामला वर्ष 1991 का है। आरोप है कि तत्कालीन एसएचओ सुबा सिंह, एएसआई दलबीर सिंह, हेड कांस्टेबल कश्मीर सिंह और कांस्टेबल रावेल सिंह ने 7 अगस्त 1991 को बलजीत सिंह का कथित रूप से अपहरण किया।
बलजीत को लगभग 10 दिनों तक तरनतारन के चबाल थाने में अवैध रूप से हिरासत में रखा गया। बाद में पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी से इनकार कर दिया और वह रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हो गया। उसका अब तक कोई पता नहीं चल सका है। पीड़ित की पत्नी ने न्याय के लिए पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। हाईकोर्ट के निर्देश पर सीबीआई ने 20 मार्च 2006 को एफआईआर दर्ज की और जांच पूरी करने के बाद 26 अप्रैल 2007 को सभी आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया।
ट्रायल के दौरान कश्मीर सिंह 21 जुलाई 2010 को अदालत में पेश नहीं हुआ, जिसके बाद उसे भगोड़ा घोषित कर दिया गया। गिरफ्तारी के बाद 2 मार्च 2026 को उसके खिलाफ दोबारा आरोप तय किए गए और सुनवाई पूरी होने पर अदालत ने उसे दोषी करार देते हुए सजा सुनाई।