अयोध्या
अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी मामले की विशेष जांच दल (एसआईटी) की प्रारंभिक रिपोर्ट में कई गंभीर खुलासे हुए हैं। 27 अप्रैल से 5 जून के बीच 42 दिनों में चढ़ावे की हेराफेरी की लगभग 70 घटनाएं सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हुईं। फुटेज में कुछ कर्मचारी नोटों की गड्डियां अपनी जेबों, मोजों और जूतों में छिपाकर ले जाते दिखाई दिए हैं।
एसआईटी का कहना है कि इससे चढ़ावे की गिनती और सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर खामियां उजागर हुई हैं। चढ़ावे की गिनती के दौरान निर्धारित सुरक्षा प्रोटोकॉल का पूरी तरह पालन नहीं किया गया। एसआईटी ने छह कर्मचारियों की गतिविधियों को विशेष रूप से चििह्नत किया है और उनके खिलाफ उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों का परीक्षण किया जा रहा है।
जांच पूरी करने के लिए 15 दिन का अतिरिक्त समय…
एसआईटी को जांच पूरी करने के लिए 15 दिन का अतिरिक्त समय दिया गया है। इस दौरान आरोपियों और उनसे जुड़े लोगों के ठिकानों पर छापेमारी जारी है। जांच एजेंसियां बरामद नकदी, सीसीटीवी फुटेज और अन्य डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर मामले की कड़ियां जोड़ रही हैं। इस बीच आरएसएस के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने मामले को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े ऐसे मामलों में पारदर्शी जांच और दोषियों को सजा मिलना आवश्यक है। दूसरी ओर, विभिन्न राजनीतिक दलों ने भी जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने और निष्पक्ष कार्रवाई की मांग उठाई है। एसआईटी का कहना है कि अंतिम रिपोर्ट तैयार होने के बाद संबंधित आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।