Summer express/शिमला-: मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को सभी विकास योजनाओं का समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के समग्र विकास के लिए विभाग को मजबूत बनाया जा रहा है तथा रिक्त पदों को प्राथमिकता के आधार पर भरा जा रहा है। साथ ही भविष्य में नई भर्तियां भी की जाएंगी।
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि प्रदेश में निर्माणाधीन पंचायत घरों को पूरा करने के लिए 30 करोड़ रुपये उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके अलावा ऊना में बन रहे जिला पंचायत संसाधन केंद्र के निर्माण कार्य को गति देने के लिए अतिरिक्त धनराशि जारी करने के निर्देश भी दिए गए हैं।उन्होंने कहा कि ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से स्वयं सहायता समूहों को निरंतर वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है। अब तक 310 स्वयं सहायता समूहों को 65.56 लाख रुपये की ऋण सहायता उपलब्ध करवाई जा चुकी है। इनके उत्पादों के विपणन के लिए शिमला में ‘हिमाचल हाट’ का निर्माण किया जा रहा है, जबकि पंडोह और कुल्लू में नए शोरूम स्थापित किए जा रहे हैं। धर्मशाला में ऐसा शोरूम पहले से संचालित है। स्वयं सहायता समूहों को कारोबार बढ़ाने के लिए फूड वैन भी उपलब्ध कराई गई हैं और भविष्य में इनकी संख्या बढ़ाई जाएगी।बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रस्तावित वीबी-जी-राम-जी योजना के तहत राज्यों को 10 प्रतिशत खर्च वहन करना होगा, जबकि मनरेगा में केंद्र सरकार पूरी राशि उपलब्ध कराती थी। उन्होंने कहा कि इससे हिमाचल प्रदेश पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ेगा और इस विषय को केंद्र सरकार के समक्ष उठाया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को विभाग की सभी प्रमुख योजनाओं को मुख्यमंत्री डैशबोर्ड से जोड़ने के निर्देश दिए, ताकि योजनाओं की ऑनलाइन निगरानी प्रभावी ढंग से हो सके और पात्र लोगों तक समय पर लाभ पहुंचाया जा सके। बैठक में ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।