चंडीगढ़। पंजाब कांग्रेस में संगठनात्मक फेरबदल के बाद शुरू हुई अंदरूनी खींचतान फिलहाल थमती नजर नहीं आ रही है।
पार्टी के पंजाब प्रभारी भूपेश बघेल ने स्पष्ट कर दिया है कि कांग्रेस हाईकमान द्वारा लिया गया फैसला नहीं बदलेगा और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के पद पर अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ही बने रहेंगे। इस बीच बुधवार को उन्होंने पहली बार पूर्व सीएम चरणजीत सिंह चन्नी बैकफुट पर नजर आए।
एक मीडिया चैनल से चन्नी ने कहा कि मेरा मकसद कांग्रेस को आगे ले जाना है। बाकी इस मामले में कुछ नहीं कहेंगे। राहुल गांधी मेरे लीडर हैं और रहेंगे। सभी मसले जल्द ही सुलझा लिए जाएंगे। पार्टी जो रणनीति बनाएगी, उसी तरह आगे बढ़ेंगे। वहीं, चंडीगढ़ में वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठकों के दौरान बघेल ने संगठन को मजबूत करने और आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पार्टी सामूहिक नेतृत्व के साथ चुनाव लड़ेगी और अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उनके अनुसार संगठन से जुड़े फैसले कांग्रेस नेतृत्व ने व्यापक विचार-विमर्श के बाद लिए हैं और उनमें बदलाव का कोई प्रश्न नहीं है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग को 23 जिला कांग्रेस प्रधानों का खुला समर्थन मिला है।
समर्थक नेताओं का कहना है कि संगठन को चुनाव से पहले स्थिर नेतृत्व की जरूरत है और कार्यकर्ताओं को आंतरिक विवादों के बजाय जनसरोकारों पर ध्यान देना चाहिए। वड़िंग समर्थक खेमा इसे संगठनात्मक मजबूती का संकेत बता रहा है।
राजनीतिक हलकों में अब इस बात पर नजर है कि चन्नी आगे पार्टी नेतृत्व से सीधे संवाद
करेंगे या फिर अपने समर्थकों के साथ अलग राजनीतिक दबाव बनाए रखेंगे।