Summer express, बलिंदर कुमार, कैथल | कैथल के सनातन धर्म ट्रस्ट भवन में रविवार को हरियाणा के व्यापारी प्रतिनिधियों का सम्मेलन आयोजित किया गया, जिसमें प्रदेशभर के विभिन्न ट्रेड संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। सम्मेलन में हरियाणा प्रदेश व्यापार मंडल के प्रांतीय अध्यक्ष एवं हरियाणा कान्फैड के पूर्व चेयरमैन बजरंग गर्ग मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने राज्य में व्यापार, उद्योग, बेरोजगारी और कानून-व्यवस्था से जुड़े कई मुद्दों पर सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए और व्यापारिक माहौल को बेहतर बनाने की मांग की।
व्यापारियों को संबोधित करते हुए बजरंग गर्ग ने कहा कि सरकार की गलत आर्थिक और औद्योगिक नीतियों के कारण हरियाणा में व्यापार और उद्योग लगातार कमजोर हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि बहादुरगढ़ जैसे फुटवियर हब, पानीपत के टेक्सटाइल उद्योग और यमुनानगर के प्लाईवुड उद्योग भी प्रभावित हुए हैं, जिसके चलते अनेक इकाइयां बंद हो चुकी हैं। उनका दावा था कि गांव स्तर पर छोटे और मध्यम उद्योगों का लगभग 70 प्रतिशत हिस्सा बंद होने की कगार पर पहुंच चुका है या बंद हो गया है, जिससे लाखों लोगों के सामने रोजगार का संकट खड़ा हो गया है।
उन्होंने कहा कि बढ़ती बेरोजगारी का सीधा असर समाज पर पड़ रहा है। रोजगार के अवसर कम होने से युवाओं में नशे की प्रवृत्ति और अपराध की घटनाएं बढ़ रही हैं। उनका आरोप था कि प्रदेश में व्यापारी और उद्योगपति खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं तथा लूट, फिरौती और हत्या जैसी घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं।
बजरंग गर्ग ने सरकार से मांग की कि व्यापारियों, उद्योगपतियों और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं। उन्होंने कहा कि यदि प्रदेश में उद्योगों और व्यापार को प्रोत्साहन देने वाली नीतियां लागू की जाएं तो नए निवेश आएंगे, रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। इससे सरकार के राजस्व में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
सम्मेलन के दौरान संगठनात्मक विस्तार की घोषणा करते हुए बजरंग गर्ग ने प्रमुख समाजसेवी राम कुमार बंसल को कैथल जिला व्यापार मंडल का नया अध्यक्ष नियुक्त करने की घोषणा की। इस अवसर पर उपस्थित व्यापारियों ने बजरंग गर्ग का स्मृति चिन्ह देकर सम्मान भी किया।
सम्मेलन में व्यापारिक हितों की सुरक्षा, उद्योगों के विकास, रोजगार सृजन और प्रदेश में बेहतर कारोबारी माहौल तैयार करने जैसे मुद्दों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। व्यापारियों ने सरकार से उद्योग और व्यापार को प्रोत्साहित करने के लिए व्यावहारिक एवं प्रभावी नीतियां लागू करने की मांग दोहराई।