Summer express, अंकुर कपूर ,अंबाला। उत्तर रेलवे के अंबाला मंडल ने माल ढुलाई के क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए पंजाब से महाराष्ट्र तक मक्का की लंबी दूरी की रेल परिवहन सेवा शुरू की है। बिजनेस डेवलपमेंट यूनिट (बीडीयू) की पहल पर राजपुरा मालगोदाम से दक्षिण मध्य रेलवे के छत्रपति संभाजीनगर तक मक्का से लदी पूर्ण रेल रेक रवाना की गई। इस उपलब्धि की रेलवे के उच्च अधिकारियों ने सराहना की है।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार राजपुरा (आरपीजे) मालगोदाम से 42 बीसीएन वैगनों की पूरी रेक मक्का से लादकर छत्रपति संभाजीनगर (सीपीएसएन) भेजी गई। लगभग 1,622 किलोमीटर की यह दूरी अंबाला मंडल से मक्का की सबसे लंबी रेल ढुलाई में शामिल है। इस नई परिवहन धारा से उत्तर भारत के कृषि उत्पादों को देश के अन्य हिस्सों तक तेज और सुगम तरीके से पहुंचाने में मदद मिलेगी।
जानकारी के मुताबिक इस रेक की मांग 7 जुलाई 2026 की शाम को प्राप्त हुई थी। अंबाला मंडल के अधिकारियों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कीं और 12 जुलाई को सफलतापूर्वक लदान कर रेक को गंतव्य के लिए रवाना कर दिया। इस एकल रेक से रेलवे को लगभग 60.99 लाख रुपये का मालभाड़ा राजस्व प्राप्त हुआ है।
मक्का भेजने वाली संस्था मेसर्स एबीआईएस ने आने वाले दिनों में इसी मार्ग पर और रेक बुक कराने की संभावना जताई है। यदि ऐसा होता है तो अंबाला मंडल को नियमित माल ढुलाई का नया स्रोत मिलेगा, जिससे रेलवे के राजस्व में उल्लेखनीय वृद्धि होने की उम्मीद है।
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यह उपलब्धि उत्तर रेलवे की नई माल ढुलाई संभावनाओं को विकसित करने और लंबी दूरी के परिवहन गलियारों को मजबूत बनाने की रणनीति का हिस्सा है। इससे न केवल रेलवे की आय बढ़ेगी, बल्कि देश के विभिन्न राज्यों के बीच कृषि उत्पादों के व्यापार को भी नई गति मिलेगी।