Summer express/नाहन -:हरिपुरधार उपतहसील के अंतर्गत ग्राम पंचायत बियोंग टटवा के शिलाइन-झुरवाड़ी गांव में लोक निर्माण विभाग की कथित लापरवाही अब ग्रामीणों के लिए चिंता का कारण बन गई है। सड़क निर्माण के दौरान समय पर सुरक्षा डंगे (रिटेनिंग वॉल) नहीं लगाए जाने से लगातार हो रहे भूस्खलन के कारण पांच परिवारों के मकानों पर गिरने का खतरा मंडरा रहा है।
ग्रामीणों ने लगाई सुरक्षा डंगों की गुहार
प्रभावित ग्रामीणों के अनुसार वर्ष 2016 में इस सड़क का निर्माण किया गया था। सड़क के साथ सुरक्षा डंगे लगाने के लिए टेंडर भी स्वीकृत हुए थे, लेकिन ठेकेदार द्वारा निर्धारित समय पर कार्य पूरा नहीं किया गया। इसका परिणाम यह हुआ कि हर वर्ष बरसात के दौरान भूस्खलन बढ़ता गया और अब दीप राम, प्रेम दत्त, बस्ती राम, तुलसी राम तथा लायक राम के मकानों की नींव तक खतरे की जद में आ गई है।ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को स्थिति से अवगत कराया, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया। उनका आरोप है कि पिछले चार वर्षों में केवल चार डंगे ही बनाए गए हैं, जबकि पूरे क्षेत्र में कई स्थानों पर सुरक्षा कार्य की आवश्यकता है। भूस्खलन के कारण ग्रामीणों की खेती योग्य भूमि भी लगातार धंस रही है, जिससे आर्थिक नुकसान भी बढ़ता जा रहा है।ग्रामीणों ने प्रदेश सरकार और लोक निर्माण विभाग से मांग की है कि प्रभावित क्षेत्र में जल्द से जल्द आवश्यक सुरक्षा डंगे लगाए जाएं, ताकि भूस्खलन पर रोक लगाई जा सके और लोगों के मकानों व कृषि भूमि को सुरक्षित किया जा सके।