सागर पाहवा | मोहाली
नगर निगम मोहाली की नवनिर्वाचित टीम की दूसरी हाउस मीटिंग बुधवार को आयोजित हुई, जिसमें एजेंडे में शामिल सभी प्रस्ताव बहुमत से पारित कर दिए गए। हालांकि बैठक में प्रशासनिक प्रस्तावों को मंजूरी मिल गई, लेकिन सदन में सबसे अधिक चर्चा शहर की बिगड़ती सफाई व्यवस्था को लेकर हुई। खास बात यह रही कि सत्तापक्ष और विपक्ष, दोनों के पार्षद इस मुद्दे पर एकमत दिखाई दिए और नगर निगम प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।
बैठक के दौरान कई पार्षदों ने कहा कि शहर के विभिन्न वार्डों में समय पर कूड़ा नहीं उठाया जा रहा, जिससे सफाई व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है। उन्होंने कहा कि मेयर द्वारा पदभार संभालते समय कुछ ही दिनों में सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने का दावा किया गया था, लेकिन जमीनी स्तर पर हालात इसके विपरीत हैं। पार्षदों ने आरोप लगाया कि लोगों की लगातार शिकायतों के बावजूद प्रशासन प्रभावी कार्रवाई नहीं कर रहा।
हाल ही में नगर निगम सीमा में शामिल किए गए गांवों के पार्षदों ने भी अपने क्षेत्रों की समस्याएं प्रमुखता से उठाईं। उनका कहना था कि इन गांवों में सफाई व्यवस्था बेहद खराब है और कई स्थानों पर नियमित रूप से झाड़ू तक नहीं लगती। उन्होंने आरोप लगाया कि जीएमएडीए यह कहकर जिम्मेदारी से बच रहा है कि क्षेत्र अब नगर निगम के अधीन हैं, जबकि नगर निगम का कहना है कि इन गांवों का औपचारिक हस्तांतरण अभी तक नहीं हुआ है। इस प्रशासनिक असमंजस का खामियाजा स्थानीय लोगों को भुगतना पड़ रहा है। बैठक में एरो सिटी में बन रही ऊंची रिहायशी इमारतों का मुद्दा भी उठा। एक पार्षद ने फायर सेफ्टी नियमों के पालन को लेकर चिंता जताते हुए कहा कि हाईराइज इमारतों में अग्निशमन व्यवस्थाओं की व्यापक जांच कराई जानी चाहिए। उन्होंने इस मामले में नगर निगम और संबंधित बिल्डरों की जवाबदेही तय करने की भी मांग की।
फेज-11 के पार्षद ने अपने क्षेत्र के कम्युनिटी सेंटर का मुद्दा उठाते हुए कहा कि यह भवन लंबे समय से पुलिस के कब्जे में है। उन्होंने मांग की कि इसे खाली कराकर स्थानीय लोगों के उपयोग के लिए उपलब्ध कराया जाए। फेज-10 की पार्षद नीतू ने भी बैठक में गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि उनके वार्ड में विकास कार्यों और सफाई से जुड़े कार्यों में जानबूझकर बाधाएं डाली जा रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि नगर निगम के सीनियर डिप्टी मेयर के एक रिश्तेदार द्वारा अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर विकास कार्यों में हस्तक्षेप किया जा रहा है, जिससे लोगों को बुनियादी सुविधाएं समय पर नहीं मिल पा रही हैं।
कुल मिलाकर, नगर निगम मोहाली की इस हाउस मीटिंग में भले ही सभी प्रस्ताव आसानी से पारित हो गए, लेकिन सफाई व्यवस्था, नव शामिल गांवों की समस्याएं, एरो सिटी की फायर सेफ्टी, कम्युनिटी सेंटर और विकास कार्यों में कथित हस्तक्षेप जैसे मुद्दों ने नगर निगम प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। अब देखना होगा कि प्रशासन और नगर निगम की नई नेतृत्व टीम इन मुद्दों के समाधान के लिए कितनी जल्द और प्रभावी कार्रवाई करती है।
सेक्टर-70 में अवैध पार्किंग का मुद्दा भी गूंजा
हाउस मीटिंग के दौरान सेक्टर-70 के पार्षद गुरजीत सिंह मामा ने अपने क्षेत्र में अवैध पार्किंग का मुद्दा जोरदार ढंग से उठाया। उन्होंने कहा कि सेक्टर-70 स्थित निजी मॉल में आने वाले लोग अपनी गाड़ियां सड़कों पर खड़ी कर देते हैं, जिससे यातायात व्यवस्था प्रभावित होती है और स्थानीय निवासियों को रोजाना भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। उन्होंने आरोप लगाया कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद पुलिस प्रशासन इस समस्या के समाधान के लिए प्रभावी कार्रवाई नहीं कर रहा। पार्षद ने मांग की कि सड़कों पर हो रही अवैध पार्किंग के खिलाफ तत्काल सख्त कार्रवाई की जाए ताकि लोगों को राहत मिल सके और यातायात व्यवस्था सुचारु हो सके।